
आगरा: ताजनगरी आगरा के शास्त्रीपुरम इलाके में शनिवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवा ऑयल मिल कारोबारी ने अपनी कार के अंदर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सनसनीखेज बात यह है कि आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले कारोबारी ने अपने परिजनों को फोन कर अपनी आखिरी इच्छा और जीने की इच्छा खत्म होने की बात कही थी। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर पहुंची पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर लहूलुहान शव को बाहर निकाला।
मौत से पहले आखिरी कॉल: ‘मन भर गया है’
मृतक की पहचान शास्त्रीपुरम निवासी विश्वजीत (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो अपनी ऑयल मिल का संचालन करता था। शनिवार रात करीब 10 बजे विश्वजीत अपनी रिट्स कार लेकर घर से निकला था। घर से महज 300 मीटर की दूरी पर शास्त्रीपुरम डीपीएस स्कूल के पास उसने अपनी कार रोकी। सूत्रों के मुताबिक, उसने अपने परिवार को फोन लगाया और बेहद भावुक लहजे में कहा, “अब मैं जीना नहीं चाहता हूं, मेरा मन भर गया है।” जब तक घरवाले कुछ समझ पाते और मौके पर पहुँचते, तब तक कार के अंदर से गोली चलने की आवाज गूंज उठी।
तफ्तीश में मिले शराब, नकदी और मेडिकल रिपोर्ट
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब कार की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा खौफनाक था।
हथियार: पुलिस को कार के अंदर से एक अवैध तमंचा और एक पिस्टल बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि गोली सिर के आर-पार हो गई थी।
सामान: कार की तलाशी के दौरान डैशबोर्ड से करीब 9 हजार रुपये नकद, शराब की एक बोतल और एक खून की जांच रिपोर्ट मिली है।
सुसाइड नोट: पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स का सहारा ले रही है।
एक्सीडेंट के बाद से डिप्रेशन में था विश्वजीत
परिजनों से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। तीन भाइयों में सबसे छोटे और अविवाहित विश्वजीत का कुछ समय पहले एक गंभीर एक्सीडेंट हुआ था। इस हादसे के बाद उसका लंबा इलाज चला, जिसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था।
दो बार पहले भी कर चुका था कोशिश: परिजनों ने बताया कि विश्वजीत अवसाद (डिप्रेशन) का शिकार था। इससे पहले भी उसने दो बार अपनी जान देने की कोशिश की थी। एक बार वह अपने घर की दो मंजिला छत से कूद गया था, जबकि दूसरी बार उसने रेलवे ट्रैक पर जाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। हर बार उसे बचा लिया गया, लेकिन इस बार उसने किसी को मौका नहीं दिया।
अवैध हथियार ने खड़े किए सवाल
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि विश्वजीत के घर में कोई भी लाइसेंसी हथियार नहीं था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मानसिक रूप से परेशान एक युवक के पास अवैध तमंचा और पिस्टल कहाँ से आई? पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसे यह हथियार किसने उपलब्ध कराए।



