
वाराणसी।।वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने आज विशेष जांच टीम (S.I.T.) के कार्यों की गहन समीक्षा की, जिसमें गिरोह के आर्थिक ढांचे को ध्वस्त करने और उनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
अब तक की बड़ी बरामदगी और गिरफ्तारियां
पुलिस की कार्रवाई में अब तक इस सिंडिकेट से जुड़े दो बड़े गोदामों का पर्दाफाश किया जा चुका है। इन ठिकानों से कुल 1,19,700 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की गई है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 2.63 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में अब तक 28 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आर्थिक नेटवर्क पर कड़ा प्रहार
पुलिस ने अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए उनके वित्तीय स्रोतों पर कड़ा प्रहार किया है:
बैंक खाते : गिरोह से संबंधित 65 बैंक खातों को फ्रीज कर 5.7 करोड़ रुपये की धनराशि रोक दी गई है।
संपत्ति कुर्की : मुख्य सरगनाओं की 08 अचल संपत्तियों को चिन्हित कर कुल 30 करोड़ 47 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी और हवाला कनेक्शन
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस कफ सिरप की तस्करी पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश की जा रही थी। अब तक 71 बैच कफ सिरप को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर NCB, BSF और स्थानीय पुलिस द्वारा पकड़ा जा चुका है। गिरोह द्वारा पैसे के लेन-देन के लिए हवाला नेटवर्क का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें विकास सिंह ‘नरवे’ और अन्य अभियुक्त मुख्य भूमिका निभा रहे थे।
मुख्य अभियुक्तों पर शिकंजा
गिरोह के दो मुख्य अभियुक्तों, आकाश पाठक और शुभम जायसवाल, के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, 40 फरार अभियुक्तों के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें।
भविष्य की रणनीति
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि आगामी कार्रवाई के तहत:
शुभम जायसवाल के करीबियों की चल-अचल संपत्तियों को NDPS एक्ट के तहत कुर्क किया जाएगा।
- बांग्लादेश सीमा से जुड़े हवाला नेटवर्क की गहराई से जांच की जाएगी।
संगठित अपराध करने वालों के विरुद्ध PIT NDPS एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



