
फतेहपुर / मौसम के लगातार उतार चढ़ाव के चलते कस्बा खागा के आसपास ग्रामीण इलाकों में खांसी जुकाम और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है इस का फायदा उठाते हुए क्षेत्र के संचालित अवैध पैथोलॉजी और ब्लड कलेक्शन सेंटर मरीजों से मनमानी वसूली हैरानी की बात यह है कि
पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग अब तक मौन बना हुआ हैं
खागा मे एक दर्जन से अधिक अवैध सेंटर खुले हैँ और इसी तरह विजईपुर नरैनी थूरयानी किसनपुर चंदापुर गढ़ा आदि बहुत सारे मानक विहीन अवैध सेंटर भोलेभाले मरीजों के जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैँ
करीब 40हजार की आबादी वाले कस्बे में इन दोनों बिना मानक पूरे किए पैथोलॉजी सेंटरो की बाढ़ सी आ गई है अधिकांश सेंटरों पर पैथोलॉजिस्ट के नाम के बोर्ड तो लगे हैं लेकिन मौके पर कोई योग्य पैथोलॉजिस्ट मौजूद नहीं रहता
इसके बावजूद मरीज के खून के नमूने लेकर फर्जी हस्ताक्षरों के सहारे रिपोर्ट तैयार कर दी जाती है और भारी शुल्क वसूला जाता हैँ डाक्टरों की मिली भगत से मरीजों को जांच के लिए भेजा जाता है जिससे डाक्टरों को मोटा कमीशन मिल सके बहुत सी ऐसी जांचे हैँ जिससे डाक्टरों को 50% कमीशन सेंटर वाले देते हैँ
आरोप है कि कई मामलों में जानबूझकर रिपोर्ट में प्लेटलेटस कम दिखाए जाते हैं टाइफाइड जैसी बीमारी बताकर मरीज को भ्रमित किया जाता है जिसे इलाज के नाम पर अतिरिक्त खर्च कराया जा सके
विजईपुर आधा दर्जन से अधिक ऐसे पैथोलॉजी और ब्लड सेंटर बिना किसी वैध अनुमति से संचालित हो रहे हैं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं की गई जिससे इन अवैध कारोबारी में हौंसले बुलंद हैं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध की पैथोलाजी सेंटरो की जांच कर सक्त कार्रवाई की जाए ताकि मरीजों को का आर्थिक और स्वास्थ्य सम्बंधित शोषण रोका जा सके

