
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।।जिले में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी घेराबंदी शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जय प्रकाश सिंह के कड़े तेवरों के बाद, मौरावां थाना क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मौत का व्यापार करने वाले ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से न केवल शराब तस्करों के मंसूबे ध्वस्त हुए हैं, बल्कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

जंगलों और खेतों में चल रही थी ‘मौत की फैक्ट्री’
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, मौरावां थाना पुलिस और आबकारी विभाग ने एक संयुक्त रणनीति तैयार की। मंगलवार की सुबह जब धुंध की चादर छंटी, तो पुलिस की गाड़ियों का काफिला ग्राम लउवा, कुटी खेड़ा और हडहरा की ओर कूच कर गया। इन गांवों के सुनसान इलाकों और खेतों के बीच छिपी झाड़ियों में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने का काला कारोबार फल-फूल रहा था।
जैसे ही पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू की, मौके पर अवैध भट्ठियां धधकती मिलीं। पुलिस की आहट पाते ही शराब बनाने में संलिप्त तस्कर घने जंगलों और खेतों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने उनके पूरे बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया।

600 किलो लहन और 8 भट्ठियां: आंकड़ों में बड़ी चोट
दबिश के दौरान टीम को जो मंजर दिखा, वह चौंकाने वाला था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित बरामदगी और कार्रवाई की:
8 अवैध भट्ठियां: कच्ची शराब खींचने के लिए इस्तेमाल की जा रही आठ बड़ी भट्ठियों को पुलिस ने मौके पर ही तोड़कर जमींदोज कर दिया।
600 किलोग्राम लहन: शराब तैयार करने के लिए भारी मात्रा में सड़ा हुआ लहन ड्रमों और गड्ढों में भरकर रखा गया था। टीम ने इसे मौके पर ही नष्ट कर दिया ताकि इसका पुनः उपयोग न हो सके।
उपकरणों की बरामदगी: शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, पाइप और अन्य रसायनों को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किया जाने वाला एक जानलेवा खिलवाड़ है। जहरीली शराब के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।



