
ब्यूरो ऋषभ तिवारी
डौंडियाखेड़ा (उन्नाव)।
खेती-किसानी से जुड़ी सबसे बड़ी सौगात अब हकीकत बन चुकी है। ₹76 करोड़ की लागत से शुरू हुई “चौधरी चरण सिंह डलमऊ पंप कैनाल सिंचाई परियोजना” ने उन्नाव और रायबरेली के हजारों किसानों की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। डौंडियाखेड़ा क्षेत्र से शुरू होकर यह परियोजना अब गांव-गांव हरियाली का संदेश लेकर पहुंचेगी।
300 क्यूसिक पानी प्रतिदिन — अब सूखे की नहीं कोई चिंता
डलमऊ पंप कैनाल से हर दिन 300 क्यूसिक पानी छोड़ा जाएगा जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि की सिंचाई संभव हो सकेगी। अनुमान है कि इससे 40 हजार से ज्यादा किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
वर्षों की मांग अब पूरी
कई वर्षों से किसानों की यह मांग थी कि सिंचाई के लिए स्थायी और भरोसेमंद व्यवस्था हो, ताकि वर्षा पर निर्भरता कम हो और उत्पादन में बढ़ोत्तरी हो सके। अब इस पंप कैनाल परियोजना से वो सपना साकार हो रहा है।
गांवों में लौटेगी हरियाली, बढ़ेगा उत्पादन
इस परियोजना से उन्नाव और रायबरेली के सैकड़ों गांवों की जमीन फिर से उपजाऊ बन सकेगी। सिंचाई की नियमित सुविधा मिलने से फसल की उपज और गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में इस परियोजना से किसानों की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
अब ज़िम्मेदारी प्रशासन और विभागों की है कि योजना ज़मीनी स्तर पर भी उतनी ही कारगर साबित हो, जितनी फाइलों में दिख रही है।


