जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।।उर्वरक विक्रेता अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री करते पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
बुधवार कृषि अधिकारी शशांक ने बताया यूरिया, डीएपी, एनपीके, कॉप्लेक्स एवं एमओपी की निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य दर के अन्तर्गत बिक्री सुनिश्चित कराई जाये। यदि कोई उर्वरक विक्रेता अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री करता हुआ पाया जाये तो उसके विरूद्व उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अन्तर्गत निहित प्राविधानानुसार कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
जनपद में आपूर्तित एवं उपलब्ध उर्वरकों का कृषकों के मध्य उनकी कृषि जोत, फसल के अनुसार एवं उनके आधार कार्ड के आधार पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। जनपद को आवंटित उर्वरकों की बिक्री/आपूर्ति अन्य जनपदों में कदापि न किया जाये। यदि कोई थोक उर्वरक विक्रेता फुटकर उर्वरक विक्रेता मुख्य उर्वरक यथा यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी एव एसएसपी के साथ अन्य उर्वरक उत्पादो को भी खरीदने हेतु बाध्य करता है तो बाध्यता की पुष्टि होने पर उनके विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं अन्य प्राविधानो के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।
उन्होने बताया कि समस्त थोक विक्रेता अपने सम्बन्धित समस्त खुदरा विक्रेताओ को सूचित करे कि प्रत्येक उर्वरक व्यवसायी के स्तर पर स्टॉक पंजिका, विक्रय पंजिका तथा रसीद अनिवार्य रूप से रखी जाये या ऐसे प्रारूप जो तिथिवार स्टॅाक स्थिति, आरम्भिक अवशेष, दिन के दौरान प्राप्तियॉ, दिन के दौरान विक्रय और अन्तिम स्टॉक को स्पष्ट प्रदर्शित करता हो, का होना आवश्यक है।
जनपद में थोक फुटकर उर्वरक विक्रेताओ तथा उर्वरक बिक्री केन्द्रो पर उर्वरकों की उर्वरकवार बिक्री दर तथा स्टॉक का अंकन रेट/स्टॉक बोर्ड पर प्रतिदिन अंकित किया जाये। ऐसा नही करने वाले थोक/फुटकर विक्रेता के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। खुदरा उर्वरक विक्रेताओ को आपूर्ति उनकी मॉग प्राप्त होने के उपरान्त सम्बन्धित थोक विक्रेता अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे, सहमति/अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त ही वितरण खुदरा विक्रेता को उपलब्ध कराया जायेगा। जिससे समस्त विकास खण्ड में मॉग के अनुसार उपलब्धता बनी रहेगी। थोक विक्रेता से फुटकर विक्रेता तक उर्वरको के एक्नालेजमेंट की व्यवस्था रियल टाईम की जाये।
इसमें लापरवाही करने वाले थोकध्खुदरा विक्रेता के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेग।उप कृषि निदेशक व अधोहस्ताक्षरी द्वारा समस्त थोक उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भण्डारण एवं ओवर-रेटिंग/टैंगिंग कदापि न हो पाये, तथा नियमों/निर्देशो की अवहेलना करने वाले सम्बन्धित के विरूद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।



