
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संभ्रान्त नागरिकों, धर्मगुरूओं व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ पीस कमेटी की हुई बैठक
जनपद में आगामी त्योहारों जगन्नाथ यात्रा, मोहर्रम, बुद्ध पूर्णिमा, श्रावण मास एवं कावड़ यात्रा आदि त्यौहारों को शान्तिपूर्वक, सकुशल एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाये जाने के दृष्टिगत विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में जिले के संभ्रान्त नागरिकों, धर्मगुरूओं, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों तथा जनपद स्तरीय अधिकारियों आदि के साथ पीस कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक में विभिन्न धर्म गुरूओं व गणमान्य व्यक्तियों द्वारा जगन्नाथ यात्रा व ताजिए जुलूस के दौरान होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं से डीएम को अवगत कराया गया, जिसको लेकर जिलाधिकारी ने सभी को आश्वस्त किया कि दिये गए सुझावों/समस्याओं का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही करायी जाएगी। इस मौके पर डीएम ने समस्त उप जिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परम्पराएं, जो पूर्व से प्रचलित हैं, उन्ही के अनुसार त्यौहारों को मनाया जाए। रथयात्रा व जुलूस के दौरान सुरक्षा व यातायात व्यवस्था के विशेष प्रबन्ध किए जाए। सभी आयोजनों में भीड़ का सही आंकलन कर लिया जाए और तद्नुसार नियंत्रण किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
रथयात्रा व जुलूस के मार्गों पर साफ-सफाई के पर्याप्त इंतजाम कर लिए जाएं तथा रथयात्रा व जुलूस के पूरे रास्ते को संबंधित अधिकारी गण संयुक्तरूप से भ्रमण कर लें जो भी कमिंया हो उन्हे तत्काल पूर्ण कर लें। सभी रूटों पर जर्जर विद्युत लाइनों को व्यस्थित कर लिया जाए। उन्होने कहा कि जनपद में उठने वाले ताजिए की सीमित ऊचाई का विशेष खयाल रखा जाए तथा या ऊचाई संबंधित अधिकारियों को भी पता होनी चाहिए। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतेजाम कर लिए जाएं। सभी ताजिए जुलूस निर्धारित रूट पर ही निकाले जाएं, किसी भी नयी परम्परा की अनुमति नही दी जाएगी।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृति राज, एडीएम(वि0/रा0) सुशील कुमार गोंड, एडीएम (न्यायिक) अमिताभ यादव, एएसपी (उत्तरी) अखिलेश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत वार्तिका, सीओ सदर सोनम सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी/क्षेत्राधिकारी गण, अन्य अधिकारी गण सहित विभिन्न समुदायों एवं सामाजिक संगठनों के संभ्रान्त लोग आदि मौजूद रहे।



