
संवाददाता इरफान कुरैशी,
स्वच्छता का बुलडोजर, अवैध कब्ज़ाधारियों में मची खलबली, सड़कों पर लौटी साँस,
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को उसके वास्तविक गौरव और सुंदरता से रूबरू कराने के लिए, लखनऊ नगर निगम ने एक बार फिर धुआँधार अतिक्रमण हटाओ अभियान का बिगुल फूँका है। नगर आयुक्त और महापौर के कड़े निर्देशों के तहत चलाए गए इस अभियान ने कैसरबाग चौराहे से लेकर हुसैनगंज चौराहे तक और स्मार्ट सिटी से लालबाग चौराहा तक की सड़कों को साँस लेने का मौका दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन करते हुए निगम की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतरीं। ज़ोनल अधिकारी कुलदीप यादव और सुनील शर्मा के नेतृत्व में चली इस सघन कार्रवाई ने उन सभी अवैध कब्ज़ाधारियों को एक कड़ा संदेश दिया, जिन्होंने मनमाने ढंग से सार्वजनिक मार्गों पर डेरा जमा रखा था। देखते ही देखते अवैध रूप से लगाई गई कई दुकानें हटा दी गईं, सड़कों को साफ़ किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के भारी-भरकम चालान भी काटे गए।
हमारा उद्देश्य शहर को स्वच्छ भारत अभियान की भावना के अनुरूप स्वस्थ और सुव्यवस्थित बनाना है। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ़ यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। लखनऊ नगर निगम के अधिकारी,
इस अचानक और तेज़ कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गलत तरीके से सड़कों पर कब्ज़ा जमाने वाले लोगों और अस्थाई दुकानें लगाने वालों के बीच मानो भूचाल आ गया। दहशत का आलम यह है कि कई लोगों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें लगाना बंद कर दिया है। कब्ज़ाधारियों में यह फुसफुसाहट शुरू हो गई है कि अब उनका गुज़ारा नहीं हो पाएगा और उन्हें नगर निगम की सीमा से बाहर जाना पड़ सकता है। यह डर, निगम के अधिकारियों की कठोरता और निश्चित इरादे का स्पष्ट प्रमाण है।
यह अभियान केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ भारत अभियान के उस मूल मंत्र को साकार करने की दिशा में एक मजबूत पहल है, जिसमें शहरों को साफ़-सुथरा और नागरिकों के लिए सुगम बनाना शामिल है। नगर निगम की यह निरंतर कार्रवाई न केवल शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्त कराएगी, बल्कि लखनऊ की ऐतिहासिक सुंदरता और सुव्यवस्था को भी बहाल करेगी।
नगर निगम अब इस तेज़ गति को बनाए रखने के लिए कृतसंकल्पित है, ताकि लखनऊ को वास्तव में एक स्मार्ट और स्वस्थ शहर बनाया जा सके।


