
उन्नाव। जिले की सभी तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान गंभीर और चौंकाने वाली शिकायतें सामने आईं। कई फरियादियों ने पूर्व में दी गई शिकायतों पर कार्रवाई न होने की बात कही।
पुरवा तहसील: जिंदा व्यक्ति को मृत दर्शाने का आरोप
पुरवा तहसील में एडीएम न्यायिक के समक्ष पहुंचे एक वृद्ध ने लेखपाल पर उसे मृत दिखाकर वरासत दर्ज करने का आरोप लगाया। वृद्ध ने कहा कि वह जीवित है और स्वयं को जीवित साबित करने के लिए लगातार तहसील के चक्कर काट रहा है। एडीएम न्यायिक ने तहसीलदार को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
सफीपुर: 12 वर्षीय बालक ने जमीन पर कब्जे की शिकायत
सफीपुर तहसील में समाधान दिवस के दौरान 12 वर्षीय बालक अर्जुन अपने चाचा के साथ डीएम के समक्ष पहुंचा। बालक ने बताया कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है और उसकी 12 बिस्वा भूमि पर गांव के लोगों ने कब्जा कर लिया है। डीएम गौरांग राठी ने एसडीएम को मौके पर जाकर भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।
188 शिकायतें, सात का मौके पर निस्तारण
सफीपुर तहसील में डीएम गौरांग राठी की अध्यक्षता और एसपी जयप्रकाश की मौजूदगी में समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 188 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से सात मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
सदर व अन्य तहसीलों में भूमि विवाद और प्रशासनिक शिकायतें
सदर तहसील में रास्ता अवरुद्ध करने, आवंटित भूमि पर कब्जा, चौकीदार नियुक्ति, मानदेय भुगतान और फर्जी अभिलेखों से भूमि बिक्री की शिकायतें दर्ज की गईं। रायपुर नेवादा निवासी रामचंद्र ने माता-पिता की मृत्यु के बाद बराबर हिस्सा न मिलने की शिकायत की।
पुरवा तहसील में 52 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें छह का मौके पर निस्तारण किया गया। हसनगंज तहसील में 105 शिकायतें प्राप्त हुईं और चार मामलों का त्वरित निस्तारण कराया गया।
बांगरमऊ तहसील में चोरी की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई न होने का मामला सामने आया। वहीं कुछ ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, सचिव और पूर्व प्रधान पर मिलीभगत कर लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया। सीडीओ ने सभी मामलों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान विभिन्न तहसीलों में एसडीएम, सीओ, तहसीलदार, बीडीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



