
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
बांगरमऊ (उन्नाव)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से सरकारी मर्यादाओं को तार-तार करने वाली कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। मामला बांगरमऊ विकास खंड की ग्राम पंचायत रबड़ी का है, जहाँ ग्राम सचिवालय की गरिमा को दरकिनार कर दो युवकों ने सरकारी कुर्सियों पर बैठकर ‘रॉयल’ अंदाज में फोटो खिंचवाई। इन तस्वीरों के सार्वजनिक होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने इसे सरकारी सिस्टम का मखौल बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। इन तस्वीरों में दो युवक ग्राम सचिवालय के मुख्य कक्ष में बैठे नजर आ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि ये युवक उन कुर्सियों पर विराजमान हैं, जो ग्राम प्रधान और सचिव (सेक्रेटरी) के बैठने के लिए आरक्षित होती हैं। उनके सामने रखी सरकारी मेज पर कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, पानी और कुछ कागजात बिखरे हुए हैं। युवकों के पीछे दीवार पर उत्तर प्रदेश सरकार के लोगो वाला आधिकारिक पोस्टर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि यह कोई निजी दफ्तर नहीं बल्कि सरकारी कार्यालय है।
“साहब के बेटे हैं, मर्जी से बैठेंगे!”
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी कुर्सी पर बैठकर फोटो खिंचवाने वाला एक युवक वर्तमान ग्राम प्रधान का पुत्र है, जबकि दूसरा उसका मित्र बताया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि यह कोई पहली बार नहीं है; प्रधान पुत्र अक्सर सचिवालय को अपनी निजी जागीर समझकर वहां बैठता है और सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करता है। ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जिस सचिवालय में जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, वहां प्रधान के परिजन रसूख दिखा रहे हैं।
नियमों की उड़ान और प्रशासनिक लापरवाही
सरकारी नियमों के अनुसार, ग्राम सचिवालय एक सार्वजनिक कार्यालय है जहाँ केवल अधिकृत अधिकारी और निर्वाचित प्रतिनिधि ही अपने कार्यदिवस के दौरान बैठ सकते हैं। किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का सरकारी कुर्सी पर बैठना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब ये युवक वहां बैठकर फोटो खिंचवा रहे थे, तब पंचायत सहायक या सचिव वहां मौजूद क्यों नहीं थे? क्या सचिवालय की चाबियां निजी हाथों में सौंप दी गई हैं?
BDO ने लिया कड़ा संज्ञान
वायरल तस्वीरों का मामला जब विकास खंड कार्यालय तक पहुंचा, तो हड़कंप मच गया। खंड विकास अधिकारी (BDO) अनिल कुमार सिंह ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, “ग्राम सचिवालय में अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश और सरकारी कुर्सियों का इस तरह उपयोग करना गंभीर विषय है। वायरल फोटो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रामीणों का आक्रोश: “यह लोकतंत्र का अपमान है”
रबड़ी ग्राम सभा के ग्रामीणों ने इस घटना को लोकतंत्र का अपमान बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों के विकास के लिए सचिवालयों को हाईटेक बना रही है, लेकिन दबंगई के चलते ये भवन केवल प्रधानों के परिवारों के लिए ‘हैंगआउट’ जोन बनकर रह गए हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब सरकारी कार्यालयों में पिकनिक मनाई जाएगी?
जांच के दायरे में पंचायत सचिव
इस पूरे प्रकरण में पंचायत सचिव की भूमिका सबसे अधिक संदिग्ध मानी जा रही है। कार्यालय की सुरक्षा और वहां की गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी सचिव की होती है। जांच इस बिंदु पर भी केंद्रित है कि क्या यह फोटो कार्यालय समय के बाद खिंचवाई गई या काम के दौरान ही सचिव की अनुपस्थिति में युवकों ने कक्ष पर कब्जा कर लिया था।



