
फतेहपुर। यूपी के फतेहपुर जनपद के किशनपुर थाना क्षेत्र एवं विजयीपुर चौकी क्षेत्र के नरैनी चौराहे में पुलिस की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बताया जा रहा है कि नरैनी में अवैध मादक पदार्थ की बिक्री का ठेका एक नामी निषाद बीते कई महीनों से (गांजा) अवैध मादक पदार्थ की खुलेआम बिक्री की जा रही है। यह सब कुछ विजयीपुर चौकी पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ “खामोशी” दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नरैनी के नाम पर नशे का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। दिन-रात नरैनी चौराहा पर बाहरी युवकों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस चौकी तक की, लेकिन हर बार शिकायत करने वालों को या तो धमकियां मिलीं या फिर मामले को दबा दिया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस अवैध कारोबार में पुलिस की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि रोजाना पुलिस गश्त करने के बावजूद नरैनी चौराहा पर चल रही गतिविधियों पर किसी का ध्यान नहीं जाता। सवाल यह उठता है कि आखिर पुलिस को सब कुछ दिख क्यों नहीं रहा? या फिर मामला “देखने की मंशा” का नहीं बल्कि “देने की रेवड़ी” का है?
चौकी क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार से युवा वर्ग तेजी से बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। जहां एक ओर सरकार नशा मुक्त अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ पुलिसकर्मी इसी अभियान को मज़ाक बना रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि विजयीपुर चौकी की पूरी जांच कराई जाए और नशे के इस अवैध नेटवर्क पर सख्त कार्यवाही हो, ताकि गांव में फिर से शांति और सुरक्षा का माहौल लौट सके।
अब सवाल यह है कि विजयीपुर पुलिस कार्यवाही करेगी या फिर इस बार भी नशे का कारोबार “प्रोटेक्शन” में पनपता रहेगा?



