
लखनऊ, 04 सितम्बर, पंचायती राज विभाग के अंतर्गत आज पंचायतीराज निदेशालय, लोहिया भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ओमप्रकाश राजभर, पंचायतीराज एवं अल्पसंख्यक कल्याण वक्फ बोर्ड हज ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर वर्षा जल संचयन, पेयजल और स्वच्छता से संबंधित अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
पंचायतीराज मंत्री ओपी राजभर ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल और भू-गर्भ जल से जुड़े कार्यों का समुचित और नियमित निष्पादन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में पेयजल से जुड़े कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिसके कारण जिला पंचायतों को अन्य विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों को सीमित धनराशि प्राप्त होती है, जिससे स्वच्छता से संबंधित सभी कार्यों को स्थानीय स्तर पर पूरा कर पाना कठिन होता है। इस स्थिति में जिला पंचायतों को ग्राम पंचायतों में नाला-नाली का निर्माण, आर.आर.सी. सेंटर का निर्माण और वेस्ट स्टैबलाईजेशन प्लांट आदि कार्यों को अपनी वार्षिक कार्य योजना में प्राथमिकता के आधार पर शामिल करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भू-गर्भ जल का स्तर लगातार कम हो रहा है, इसलिए जिला पंचायतों को इस दिशा में भी सक्रियता दिखानी होगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला पंचायतें तालाबों को चिन्हित कर उन्हें अमृत सरोवर के रूप में विकसित करें और रेन वाटर हार्वेस्टिंग से संबंधित कार्यों को अपनी कार्य योजना में प्राथमिकता दें।
मंत्री ने पंचायतीराज विभाग के सभी अधिकारियों को ईमानदारी, निष्ठा और दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया, ताकि आम जनता में जिला पंचायतों के प्रति विश्वास और भरोसा बढ़ सके।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव अनिल कुमार, निदेशक पंचायतीराज अमित कुमार सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी और प्रतिभागी उपस्थित रहे।