
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।।पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशानुसार उन्नाव सदर क्षेत्राधिकारी दीपक यादव व सदर कोतवाली प्रभारी अविनाश सिंह द्वारा सदर क्षेत्र में चाइनीज पतंग मांझा के विरुद्ध जघन्य चेकिंग अभियान चलाया गया,क्यों कि बीते शनिवार रक्षाबंधन के दिन एक घर का चिराग जो खुद मेहनत कर परिवार की जरूरतों को पूरा करता था,बहन से राखी बंधवाने के लिए कंपनी से बकाया रुपए लेने जा रहा था इसी चाइनीज पतंग मांझे की वजह से वह युवक बेमौत मारा गया था,एक घर की खुशियां मातम में बदल गई

मगर क्या सारी जिम्मेदारी पुलिस ने ही ले रखी है।हम लोगों की कोई जिम्मेदारी नहीं आखिर वो पतंग हमारे या आपके पड़ोस से ही उड़ी होगी जिससे उस युवक की जान चली गई।मगर शायद ये सब कहने का कोई फायदा नहीं क्यों कि आज ही नहीं बल्कि बरसो से अपने बच्चों की खुशी के लिए माता पिता उनकी हर नादानियों पर पर्दा डालते आए है।फिर चाहे किसी की जान ही क्यों ना चली जाए
मै बस इतना कहना चाहता हूं कि कल जिस प्रकार उन्नाव में उस युवक की मौत हुई उसे उस प्रकार से नहीं जाना चाहिए था पुलिस हर जगह हर वक्त नहीं हो सकती कुछ दायित्व हमारा आपका भी होता है।सोचिए जितने लोग अपने आप को पत्रकार कहते है।जितने लोग अपने आप को नेता कहते है।जितने लोग अपने आप को समाजसेवी कहते है।कही ये हादसा आपके परिजनों के साथ हुआ होता तो शायद अब तक वो मांझा किस छत से किस चरखी या किस दुकान से निकला था सब मिल जाते और उस मांझे को बेचने वाली दुकान के साथ साथ अन्य पतंग मांझे की दुकानें भी बंद हो चुकी होती
जरूरी ये तो नहीं कि हम किसी हादसे का इंतजार करें बस अपने आस पास हो रही छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी अव्यवस्थाओं व अनैतिक कार्यों के बारे में सोशल मीडिया पर उजागर करने की कोशिश करें फिर वो चाइनीज पतंग मांझा बेचने वाला ही क्यों ना हो,तब पुलिस को भी काफी हद तक आसानी होगी घटनाओं की रोकथाम करने में और हमारे अपने भी स्वस्थ रहेंगे
बस गांजा और जुएं बुक के बारे में कभी भी सोशल मीडिया पर ना डालें क्यों कि पुलिस वह बंद नहीं करा सकती है।और उल्टा आपको इनके बारे में लिखने पर या सोशल मीडिया पर डालने पर बेवकूफ कहेंगे,फिर क्यों ना इस गांजा और बुक जैसे जहर से किसी का घर क्यों ना बर्बाद हो किसी के बच्चे क्यों ना चोर लुटेरे बन जाएं,मगर गांजा और बुक जुआ कभी बंद नहीं हो सकता।



