
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।।पुलिस प्रशासन ने जिले में जब्त वाहनों की सुरक्षा, व्यवस्था और निस्तारण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के नेतृत्व में जिले के दही थाना क्षेत्र में चार बीघा भूमि पर एक केंद्रीय वाहन यार्ड (सेंट्रल यार्ड) का निर्माण कराया जाएगा।
वर्तमान में जिले के 21 थानों में सैकड़ों जब्त वाहन कई वर्षों से खुले आसमान के नीचे पड़े हुए हैं। ये वाहन या तो किसी आपराधिक मामले में जब्त किए गए हैं या फिर कोर्ट में लंबित मामलों के कारण निस्तारित नहीं हो पाए हैं। कई वाहन मौसम की मार झेलते हुए इस कदर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं कि अब उनकी पहचान तक मुश्किल हो गई है। इसके साथ ही थानों में जगह की कमी और इन वाहनों की देखरेख का जिम्मा उठाना पुलिस के लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है।
इस स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक केंद्रीकृत, सुरक्षित और टेक्नोलॉजी-संपन्न यार्ड की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नए यार्ड में चारों ओर मजबूत बाउंड्रीवॉल, भारी फाटक, 24 घंटे निगरानी रखने वाले सीसीटीवी कैमरे और पूरी तरह से डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम की व्यवस्था होगी। सभी थानों से जब्त वाहनों को क्रमबद्ध और संगठित ढंग से इस यार्ड में लाकर रखा जाएगा। वाहन के आने से लेकर उसके निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड होगी, जिससे हर वाहन का रिकॉर्ड पारदर्शी रहेगा। इससे कोर्ट मामलों के निपटारे के बाद वाहन मालिकों को उनका वाहन लौटाने की प्रक्रिया भी सुगम हो जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत पुलिसकर्मियों को जब्त वाहनों की देखरेख की जिम्मेदारी से राहत मिलेगी और वे अपने असली कर्तव्यों पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। साथ ही, थानों में जो जगह पहले इन वाहनों से भरी रहती थी, वह अब खाली हो सकेगी और आम जनता को भी थानों में अनावश्यक भीड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि यह यार्ड सिर्फ एक लॉजिस्टिक सुविधा नहीं बल्कि कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया को मजबूत बनाने वाला अहम अंग भी होगा। इससे न केवल जब्त वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उनसे जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी, जिससे केस की जांच और सुनवाई में निष्पक्षता और प्रमाणिकता बनी रहेगी।
यह यार्ड एक मॉडर्न पुलिसिंग मॉडल का उदाहरण बनेगा, जो आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है। प्रशासन का यह प्रयास दिखाता है कि कैसे तकनीक और नियोजित योजना के माध्यम से पुलिस व्यवस्था को प्रभावी और जनहितकारी बनाया जा सकता है।
आगामी कुछ महीनों में यार्ड का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद पूरे जिले के जब्त वाहनों को चरणबद्ध तरीके से वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह पुलिस-पब्लिक संबंधों को भी अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।


