
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।। जनपद में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब पीटीसी काली मिट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत एफ-84 मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने मुर्गी दाने से लदी एक पिकअप और प्राइवेट बस को जबरदस्त टक्कर मार दी। यह हादसा सुबह के व्यस्त समय में हुआ, जब लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए यात्रा कर रहे थे। हादसे के समय बस में करीब 25 से 30 यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों और घायल यात्रियों के अनुसार, ट्रक काफी तेज गति से आ रहा था और चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे उसने सबसे पहले पिकअप को पीछे से टक्कर मारी, फिर उसी गति में वह सामने चल रही प्राइवेट सवारी बस से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस संतुलन खोकर सड़क किनारे पलट गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई। बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में स्थानीय लोगों ने काफी मेहनत की, क्योंकि बस के शीशे टूट चुके थे और कुछ सीटें उखड़ गई थीं। यात्रियों में छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे, जो घायल होकर कराहते रहे। आसपास के ग्रामीणों ने बिना देर किए पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी और अपनी तरफ से भी बचाव कार्य शुरू कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और सफीपुर व फतेहपुर 84 सीएचसी की कई एम्बुलेंस मौके पर भेजी गईं। पुलिस ने घटनास्थल को तत्काल घेराबंदी कर सुरक्षित किया और घायल यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए पास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जैसे सिर पर गहरी चोट, हड्डियों में फ्रैक्चर और शरीर के कई हिस्सों में गहरे घाव। कई घायलों की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। वहीं कुछ को कानपुर हैलट अस्पताल भेजे जाने की भी तैयारी की जा रही है। दुर्घटना के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया था, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मगर पुलिस ने क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया और लगभग एक घंटे के अंदर यातायात फिर से बहाल कर दिया गया।
इस संबंध में सफीपुर क्षेत्राधिकारी मधुप नाथ मिश्रा ने कहा कि प्राथमिक जांच में यह साफ हुआ है कि ट्रक की तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के चलते यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को थाने भिजवाया गया है। सभी घायल यात्रियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि घटना की सटीक वजहों की पुष्टि हो सके।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। उनका कहना था कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की बेकाबू रफ्तार आम बात हो चुकी है और ट्रैफिक पुलिस की निगरानी नहीं के बराबर है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मार्ग पर नियमित गश्त और स्पीड कंट्रोल सिस्टम लागू करे ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से लोगों की जान बचाई जा सके।
उधर जैसे ही हादसे की खबर आसपास के गांवों और कस्बों तक पहुंची, घायलों के परिजन अस्पताल पहुंचने लगे। वहां कई लोग रोते-बिलखते नजर आए और अपने घायल प्रियजनों के लिए चिकित्सकीय व्यवस्था की गुहार लगाते देखे गए। अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ अलर्ट मोड में काम कर रहे थे, क्योंकि एक साथ बड़ी संख्या में घायल मरीजों के आने से व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया था।
जिला अस्पताल प्रशासन ने भी गंभीर घायलों की देखभाल के लिए विशेष टीम तैनात कर दी। इस भीषण सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सड़कों पर यातायात की बिगड़ती स्थिति और ट्रकों की बेलगाम रफ्तार की सच्चाई उजागर कर दी है। पुलिस की ओर से फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि ट्रक की नंबर प्लेट और चालक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
यह हादसा न केवल घायलों के परिवारों के लिए पीड़ा का कारण बना है, बल्कि पूरे क्षेत्र को सोचने पर मजबूर कर गया है कि आखिर कब तक निर्दोष लोग ऐसे हादसों की भेंट चढ़ते रहेंगे। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह न केवल इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम भी उठाएगा।



