
लखनऊ।।1 अप्रैल 2025 से नया वित्तीय वर्ष प्रारंभ हो रहा है, और इसके साथ ही म्यूचुअल फंड, क्रेडिट कार्ड, UPI ट्रांजैक्शन, इनकम टैक्स और GST से संबंधित कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। ये बदलाव सीधे आम नागरिकों, निवेशकों और करदाताओं पर डालेंगे। आइए जानते हैं कि आपको किन नए नियमों के बारे में जागरूक रहने की जरूरत है।
म्यूचुअल फंड निवेश के नए नियम
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड निवेश के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं NFOs (New Fund Offers): नई फंड ऑफर से जुटाए जाने वाले पैसे को 30 बिजनेस दिनों के भीतर निवेश करना होगा। यदि एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) ऐसा नहीं कर पाएगी, तो 30 दिनों का अतिरिक्त समय प्राप्त हो सकता है।स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स (SIFs): SEBI ने एक नए टाइप की शुरुआत की है, जो पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और म्यूचुअल फंड बीच के माध्यम होगी। इसके निवेश में न्यूनतम ₹10 लाख लगेगी।डिजीलॉकर फैसिलिटी: अब निवेशक अपना डीमैट और म्यूचुअल फंड होल्डिंग स्टेटमेंट डिजीलॉकर में सुरक्षित करा सकेंगे। इससे अनक्लेम्ड एसेट्स की समस्या कम रहेगी।
नए इनकम टैक्स स्लैब 2025-26
सरकार ने टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाते हुए नए टैक्स ढांचे में ₹7 लाख से ₹12 लाख कर दी है।
₹4 लाख तक – कोई टैक्स नहीं
₹4 लाख से ₹8 लाख तक – 5% टैक्स
₹8 लाख से ₹12 लाख तक – 10% टैक्स
₹12 लाख से ₹16 लाख तक – 15% टैक्स
₹16 लाख से ₹20 लाख तक – 20% टैक्स
₹20 लाख से ₹24 लाख तक – 25% टैक्स
₹24 लाख और अधिक – 30% टैक्स
GST और ई-इनवॉयसिंग के नए नियम
जिन व्यवसायों का वार्षिक टर्नओवर 1 अप्रैल 2025 से ₹10 करोड़ या उससे अधिक है, उन्हें 30 दिनों के भीतर ई-इनवॉयस अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसकी पहले सीमा ₹100 करोड़ थी।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की शुरुआत
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) शुरू की जाएगी। इसके तहत:
जिन सरकारी कर्मचारियों की सेवा 25 वर्ष से अधिक होगी, उन्हें पिछले 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी का 50% पेंशन दिया जाएगा।
UPI ट्रांजैक्शन के नए नियम
NPCI ने बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSPs) को कहा है कि वे 31 मार्च 2025 तक अपना डेटाबेस अपडेट कर लें।
जिन मोबाइल नंबरों को री-साइकल किया गया है, उन्हें हटाने के आदेश दिए गए हैं।
यदि आपका मोबाइल नंबर बंद कर दिया गया है, तो UPI सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
TDS छूट के नए प्रावधान
1 अप्रैल 2025 से लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में पढ़ रहे छात्रों की फीस या अन्य खर्चों के लिए ₹10 लाख तक की राशि पर कोई TDS नहीं लगेगा। पहले यह सीमा ₹7 लाख थी।