
लखनऊ।।
मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हृदय रोगियों के लिए एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित है। अस्पताल में 24 घंटे हृदयरोग विशेषज्ञों की टीम मौजूद रहती है, जो हर प्रकार के हृदय संबंधित आपातकालीन मामलों में तत्परता से उपचार प्रदान करती है। कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. आर.के. सरन ने बताया कि हृदयाघात (हार्ट अटैक) संकुचित कोरोनरी धमनियों में थक्का बनने के कारण होता है और ऐसे मामलों में हर मिनट की देरी हृदय को अधिक नुकसान पहुंचा सकती है।
अस्पताल में अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं के माध्यम से तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध है। एंजियोप्लास्टी जैसी सेवाएं रात के समय भी प्रदान की जाती हैं, जिससे हृदय की क्षति कम करने और मरीजों के बचने की दर को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इसके अलावा, मेदांता अस्पताल में पीईटी-सीटी, कार्डिएक एमआरआई और अत्याधुनिक कैथ लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो विस्तृत हृदय देखभाल सुनिश्चित करती हैं।
सीवीटीएस (कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी) विभाग के निदेशक डॉ. गौरांग मजूमदार ने हृदय रोगों में सर्जिकल तकनीकों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि अस्पताल में छोटे चीरों के माध्यम से वाल्व प्रतिस्थापन और बाईपास सर्जरी की जाती है। मेदांता अस्पताल में बीटिंग-हार्ट कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) को नियमित रूप से बेहतरीन परिणामों के साथ किया जाता है।
इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. पी.के. गोयल ने बताया कि हृदयाघात के दौरान ब्लॉक हुई धमनियों को खोलना जीवन बचाने के लिए आवश्यक होता है। मेदांता अस्पताल में 24×7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से यह कार्य सुरक्षित और प्रभावी तरीके से किया जाता है।
मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हृदय रोगियों के लिए विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है और हर मरीज की जीवन रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।



