लखनऊ।। चकबन्दी आयुक्त, उत्तर प्रदेश डा० हृषिकेश भास्कर यशोद ने मंगलवार को चकबंदी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितता बरतने और पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में शासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति के अन्तर्गत श्री रामदरश, सहायक चकबन्दी अधिकारी, संतकबीरनगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उल्लेखनीय है कि जनपद संतकबीरनगर की तहसील धनघटा के ग्राम संठी में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान प्रथम दृष्टया नियम विरुद्ध तरीके से मृतक प्रभुनाथ प्रजापति के परिजनों के मूल गाटा नंबरों को बदलकर ‘उड़ान चक’ प्रदिष्ट किए जाने और समय रहते आपत्ति का नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया जिस पर इस प्रकरण में संबंधित लेखपाल को पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है।
चकबंदी आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार पर किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने फील्ड में कार्यरत कर्मियों को नियमानुसार चकबंदी कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया को अपनाते हुए जनहित में उत्कृष्ट कार्य करें या दंडित होने को तैयार रहें



