
अंबेडकरनगर।।
नगर कोतवाली क्षेत्र में विवादित जमीनों पर अवैध कब्जा
कराने में पुलिस की रही अहम भूमिका,कहीं बुलडोजर चला तो कहीं नगर पालिका के इंटरलॉकिंग के बगल में सरकारी नाली में ही अवैध निर्माण किया जाने लगा।हालांकि आरोपो के मुताबिक पुलिस की रही अहम भूमिका ऐसे मामलों में अंबेडकरनगर अकबरपुर कोतवाली के मरैला जेल चौकी क्षेत्र लोरपुर ताजन में विगत महीने पहले यासमीन नाम की पीड़िता ने जिला अधिकारी से शिकायत की थी और इस तरह की घटनाओं का जिक्र किया था कि पुलिस की मौजूदगी में मेरे दरवाजे के ठीक सामने गांव के ही कुछ दबंगो द्वारा जबरन दीवाल का निर्माण किया जा रहा था ,पीड़िता ने उस वक्त घटना की वीडियो अपने मोबाइल फोन में बनाया था जिसमें पुलिस मौजूद थी ,4 जनवरी 2026 को एक बार फिर जेल चौकी पुलिस और राजस्व कर्मी पीड़िता के घर पहुंचते हैं और एक पक्ष को बढ़ावा देते हुए दूसरे पक्ष को जमकर फटकार लगाई मौजूद पुलिस ने एक बार फिर विपक्षियों को कहा कि हम लोगों के जाने के बाद दरवाजे के सामने दीवाल खड़ी कर दो पीड़ित यास्मीन बानो ने मौजूदा कर्मचारियों को मकान का नक्शा दिखाया जिसको नगर पालिका द्वारा पास कराया गया था।किसी ने एक न सुनी फिर वही हुआ जैसा साहब ने कहा था। विपक्ष की महिलाएं इकट्ठा होकर लेबर और मिस्त्री बनकर नगर पालिका द्वारा बनाई गई नाली में ही दीवाल की चुनाई शुरू कर दी दरवाजे के सामने दीवाल बनता देख पीड़िता ने रोकने का प्रयास किया तो चौकी इंचार्ज की आशीर्वाद से उपद्रोही महिलाओं ने पीड़ित महिला को जमकर पीटा।

पीड़ित यास्मीन बानो ने कोतवाली अकबरपुर में जब जकर शिकायत की तो थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने शिकायती पत्र लेने से ही इनकार कर दिया।जी हां यह वही अकबरपुर कोतवाली पुलिस है जहां पुलिस की मौजूदगी में न्यायालय में विचाराधीन मकान पर बुलडोजर चला दिया जाता है।और चोरी की बाइक को वाहन स्वामी को लौटने में भी वाहन स्वामी से मुखबिर के नाम पर 10 से 15 हजार रुपए की मांग की जाती है।अब आप यहीं से अंदाजा लगा सकते हैं कि फरियादियों को कैसे न्याय मिल पाता होगा।



