
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।
जिले में सक्रिय तीन मोबाइल नंबरों के जरिए दिल्ली, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में साइबर ठगी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोबाइल नंबरों के आधार पर पीड़ितों ने अलग-अलग स्थानों पर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में उन्नाव साइबर टीम ने खुलासा किया कि चार म्यूल खातों के माध्यम से विदेशों से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया जा रहा था।
गृह मंत्रालय द्वारा 17 सितंबर 2025 को भेजे गए इनपुट के बाद साइबर थाना प्रभारी राजेश पाठक के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि साइबर अपराधी दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों, खासकर वियतनाम और कंबोडिया से अर्जित ब्लैक मनी को उन्नाव के म्यूल खातों के जरिए व्हाइट कर रहे थे। यह लेनदेन वर्ष 2024 से लगातार चल रहा था।
साइबर पुलिस के अनुसार ये म्यूल खाते केनरा बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खोले गए थे। अक्तूबर माह में आगरा पुलिस द्वारा सदर क्षेत्र के अनवार नगर निवासी आतिफ खान की गिरफ्तारी के बाद इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पूरा ढांचा सामने आया। जांच में खुलासा हुआ कि आतिफ पढ़े-लिखे बेरोजगार युवकों को अपने जाल में फंसाकर कंबोडिया और वियतनाम भेजता था, जहां उन्हें साइबर ठगी का प्रशिक्षण दिया जाता था।
प्रशिक्षण के बाद ठगी से अर्जित रकम भारत में म्यूल खातों में ट्रांसफर कर जमा की जाती थी। साइबर टीम को प्रतिबिंब पोर्टल के माध्यम से मुख्यालय से तीन संदिग्ध मोबाइल नंबर भेजे गए थे। जांच में पाया गया कि ये तीनों नंबर उन्नाव जनपद में ही सक्रिय थे और इनके जरिए दिल्ली, बिहार समेत कई जिलों में ठगी की गई।
मामले में साइबर थाना के दरोगा सुभाष चंद्र ने तीनों मोबाइल नंबरों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कर लिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ स्थित मुख्यालय को भेज दी गई है। साइबर पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और म्यूल खाताधारकों की तलाश में जुटी है।



