
फतेहपुर।।
मुंबई में रोजी-रोटी कमाने गए पिता की मौत: 8 बच्चों के सिर से उठा साया, फतेहपुर के गाजीपुर में मातम
फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र कस्बे के रहने वाले स्वर्गीय रामकृपाल उर्फ गहू के पुत्र देवराज उर्फ देशराज उम्र करीब 55 वर्ष की मुंबई की लोकल ट्रेन हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। कैटरिंग और हलवाई का काम करने वाले देवराज जो 7 अक्टूबर, 2025 को रोज की तरह वापी स्टेशन से लोकल ट्रेन से भयंदर जा रहे थे।
दुर्भाग्यवश, वचके स्टेशन (वसई रोड) के पास वह अचानक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वसई चौकी पुलिस ने दोपहर करीब 12 बजे शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम के बाद जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो मातम छा गया और कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी ज्ञानमती देवी बेसुध होकर रोते हुए बताया कि उनके पति रोजी-रोटी के लिए मुंबई में काम करते थे और यह हादसा उनकी पूरी गृहस्थी उजाड़ गया।
आठ बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
देवराज की मौत से उनके आठ बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। सबसे बड़ा बेटा घनश्याम निषाद 18 वर्ष का है, जबकि अन्य बच्चों में प्रेम देवी (15 वर्ष), उमाशंकर कुमार (12 वर्ष), झलक दुलारी (10 वर्ष), दीपिका (करीब 7 वर्ष), गोमती (करीब 5 वर्ष), सुमन देवी और सुनैना देवी शामिल हैं।
पिता के अचानक चले जाने से सभी बच्चे और पत्नी रो-रोकर बेहाल हैं। मृतक के परिवार पर आए इस दुखों के पहाड़ के कारण पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है।



