जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। उत्तर प्रदेश में ओटीआर संबंधित नियम लागु होते ही बहुत सारे अभिभावक व बच्चे परेशान है शिक्षा विभाग की OTR (वन-टाइम रजिस्ट्रेशन) प्रणाली किसी एक संस्थान द्वारा नहीं, बल्कि विभिन्न भर्ती आयोगों और विभागों द्वारा शुरू की जाती है, जैसे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड (UPPBPB), और कर्मचारी चयन आयोग (SSC)।
इसका उद्देश्य उम्मीदवारों को एक बार पंजीकरण करके भविष्य की सभी परीक्षाओं में आवेदन करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। मगर up स्कॉलरशिप में ओटीआर से अधिकतर बच्चे अभिभावक परेशान ।क्योंकि एक OTR फार्म में लग रहा एक फोन नंबर जिस अभिभावक के घर में चार बच्चे पढ़ रहे हैं ओ अभिभावक कहां से लाये चार सिम और चार फोन। अगर अभिभावक के पास कई फोन सिम नहीं है तो बच्चो को नहीं मिल पायेगा स्कॉलरशिप का लाभ क्योकि बिना फोन के नहीं होगा OTR
कई ऐसे भी अभिभावक होते हैं जो ऐसी महंगाई में घर चार चार बच्चो को जैसे तैसे पढ़ाई करा रहे हैं
फिर इतनी महंगाई में कैसे लाएं चार-चार फोन।
शिक्षा विभाग के हर बार बदलते नियम से बच्चे परेशान।