
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिसंबर 2025 से शुरू होने वाले नवाबगंज, आशाखेड़ा और दही तिराहा के तीन ओवरब्रिज में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नवाबगंज पुल को प्राथमिकता देते हुए निर्माण क्षेत्र में आने वाले दर्जनों स्थायी भवनों के मालिकों को नोटिस जारी किया है। यह पुल
नहर पुलिया से लेकर बाजार तक करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में बनेगा, जिसमें कई लोगों के आवास और पुश्तैनी दुकानें आ रही हैं।
दो सप्ताह पहले NHAI ने इस दायरे में आने वाले भवनों पर लाल निशान लगा दिए थे। किसी का घर पांच फीट तो किसी का बीस फीट तक इस योजना की जद में है। अब इन मकान मालिकों को कहा गया है कि 15 दिन में अपना स्थायी या अस्थायी निर्माण स्वयं हटा लें वरना प्राधिकरण खुद कार्रवाई करेगा। साथ ही, *
7 दिन के भीतर लखनऊ के गोमतीनगर स्थित कार्यालय में अपीलकरने का अवसर भी दिया गया है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि यह सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों की मेहनत, यादें और जीवनभर की कमाई का ठिकाना है। कई परिवारों ने अपने बच्चों की परवरिश इन्हीं घरों में की, तो कई के लिए यह दुकानें उनकी रोज़ी-रोटी का जरिया हैं। नोटिस मिलने के बाद से लोगों में बेचैनी है — कहीं जाने की जगह नहीं, और समय बहुत कम।
जीएस इंटरनेशनल के मैनेजर आर.के. सिंह ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं और समय सीमा पूरी होने के बाद प्राधिकरण खुद कार्रवाई करेगा। इस बीच, कई परिवार अब मुआवज़ा और पुनर्वास की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
यह ओवरब्रिज यातायात को सुगम बनाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही *दर्जनों परिवारों का आशियाना उजड़ने का खतरा* भी खड़ा हो गया है। अब सवाल यह है कि विकास की इस रफ्तार में इन बेघर होने वाले परिवारों का भविष्य कैसा होगा और क्या उन्हें न्यायपूर्ण मुआवज़ा व सुरक्षित ठिकाना मिल पाएगा।


