
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। तेज रफ्तार अर्टिगा कार एक प्राइवेट बस में पीछे से घुस गई। हादसे में कार चला रहे यूपी पुलिस के दरोगा मनजीत सिंह (38) की मौके पर मौत हो गई। सिपाही समेत 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अमेठी में तैनात दरोगा टीम के साथ लापता युवती को राजस्थान से बरामद कर लौट रहे थे।
बता दे कि शुक्रवार सुबह 6 बजे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बांगरमऊ थाना क्षेत्र में हादसा हुआ। दरोगा मनजीत का शव स्टेयरिंग और सीट के बीच 30 मिनट तक फंसा रहा। राहगीरों ने लोहे की रॉड से बोनट तोड़कर शव निकाला। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया। 9 फीट की कार महज 6 फीट की रह गई। मृतक दरोगा मनजीत मूल रूप से लखनऊ के सर्वोदय नगर के रहने वाले थे। घायलों में एक हेड कॉन्स्टेबल, एक महिला और उसके परिजन शामिल हैं, जिन्हें बांगरमऊ सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त कार की स्पीड 100 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा थी। पुलिस के मुताबिक, अमेठी में तीन दिन पहले एक युवती की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सर्विलांस टीम की मदद से युवती की लोकेशन राजस्थान में मिली थी। अमेठी कोतवाली पुलिस की एक टीम नाबालिग लड़की को बरामद करने के लिए दो दिन पहले राजस्थान रवाना हुई थी। टीम में कोतवाली के दरोगा मनजीत सिंह और हेड कॉन्स्टेबल प्रदीप तिवारी शामिल थे। टीम गुरुवार को युवती को बरामद कर लौट रही थी, तभी हादसा हो गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीर दौड़कर पहुंचे और घायलों को बाहर निकाला। लेकिन कार चला रहे दरोगा मनजीत सिंह स्टीयरिंग और सीट के बीच बुरी तरह फंस गए थे। थोड़ी ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका शव लगभग 30 मिनट तक वाहन में फंसा रहा। बाद में राहगीरों ने लोहे की रॉड से कार का बोनट तोड़कर शव बाहर निकाला।



