
अमेठी। प्रधानमंत्री आवास योजना में संभावित गड़बड़ी की खबर उजागर करना एक स्थानीय पत्रकार के लिए परेशानी का कारण बन गया है। ग्राम भरथीपुर थाना अमेठी निवासी पत्रकार त्रिपुरारी पाण्डेय ने बताया है कि खबर प्रकाशित होने के कुछ समय बाद उनके विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसे उन्होंने पूरी तरह तथ्यहीन बताया है।
पत्रकार के अनुसार, ग्राम तारापुर के एक प्रधान द्वारा 11 सितंबर 2024 को अमेठी थाने में एक तहरीर दी गई, जिसमें 30 अगस्त 2024 की एक कथित घटना का उल्लेख किया गया। उसी आधार पर मामला दर्ज हुआ। उन्होंने बताया कि इस मामले में न तो कोई सीसीटीवी फुटेज, न कॉल डिटेल, न कोई ऑडियो या वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत किया गया और न ही उन्हें जांच में शामिल किया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि लगभग छह महीने बीत जाने के बावजूद किसी प्रकार का ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया, जबकि पुलिस द्वारा बिना पूर्व सूचना के चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इससे, उनके अनुसार, निष्पक्ष जांच की संभावना पर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है।
पत्रकार का कहना है कि यदि 18 जून 2025 तक सभी संबंधित साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए, तो वे अपने आवास पर शांतिपूर्वक आमरण अनशन प्रारंभ करने को बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी प्रक्रिया में बाधा डालने के लिए नहीं, बल्कि सच को सामने लाने और न्याय प्राप्त करने के उद्देश्य से उठाया जाएगा।
इस संबंध में त्रिपुरारी पाण्डेय ने ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री, डीजीपी, जिलाधिकारी अमेठी समेत संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है। साथ ही उन्होंने ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से भी यह जानकारी प्रशासन को भेजी है।
पत्रकार ने निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा है कि वे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान में विश्वास रखते हैं, और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे हैं।



