
संवाददाता देवेन्द्र तिवारी
उन्नाव।विगत 18 जनवरी 2024 को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक पन्नालाल, सभागार, कलेक्टर कार्यालय में आयोजित किया गया। बैठक के दौरान, बैंकवार सभी सरकारी योजनाओं की समीक्षा किया गया और सभी संबंधित विभाग एवं बैंक को लंबित आवेदनों को 31 जनवरी 2024 से पहले निस्तारण करने को निर्देशित किया गया। सुनील वर्मा, अग्रणी जिला प्रवंधक, उन्नाव द्वारा बताया गया कि जनपद में दिसंबर 2023 तिमाही में ऋण जमा अनुपात में सुधार हुआ है और बैंको द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र में 54% का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है इसी क्रम में, मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा सभी बैंकों प्राथमिकता क्षेत्र में 100 % का लक्ष्य प्राप्त करने और ऋण जमा अनुपात को 60% तक हासिल करने को निर्देशित किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा तैयार की गई संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (पीएलपी) की पुस्तिका का विमोचन किया. उन्नाव जनपद में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए संभाव्यतायुक्त ऋण रुपये 3264.56 करोड़ आंकलित किया गया है जो गत वर्ष 2023-24 की संभाव्यता युक्त ऋण योजना से रुपये 2559.68 करोड़ के सापेक्ष 27.53% अधिक है.
वर्ष 2024-25 के कुल संभाव्यता युक्त ऋण योजना में कृषि क्षेत्र हेतु रुपये 1851.04 करोड़ (फ़सली, मियादी, कृषि आधारभूत संरचना तथा आनुषंगिक गतिविधियों हेतु ऋण), रुपये 1171.36 करोड़ सूक्ष्म, छोटे एवं मझोले उद्योग हेतु ऋण, निर्यात ऋण हेतु `28.00 करोड़, शिक्षा हेतु रुपये 19.55 करोड़, आवास ऋण हेतु रुपये 119.00 करोड़, नवीकरणीय ऊर्जा हेतु रुपये 2.69 करोड़, सामाजिक आधारभूत संरचना हेतु रुपये 21.25 करोड़ तथा अन्य गतिविधियों हेतु रुपये 51.66 करोड़ की संभाव्यता का आंकलन किया गया है.
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी,अग्रणी जिला अधिकारी,भारतीय रिज़र्व बैंक, अग्रणी जिला प्रवंधक,बैंक ऑफ़ इंडिया,जिला विकास प्रवंधक, नाबार्ड और संबंधित बैंक के सभी जिला समन्वयक आदि लोग मौजूद रहे।



