
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी के अलीगंज वार्ड नंबर 91 स्थित पांडे टोला में इन दिनों क्षेत्रीय निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। इलाके में पिछले कई महीनों से पेयजल की भीषण समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर निगम और जलकल विभाग इस ओर आंखें मूंदे बैठा है।
घरों में आ रहा है सीवर युक्त गंदा पानी
पांडे टोला के निवासियों का आरोप है कि पिछले काफी समय से उनके घरों के नलों में बेहद गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी इतना दूषित है कि वह न तो पीने योग्य है और न ही नहाने या कपड़े धोने के काम आ रहा है। गंदा पानी पीने से क्षेत्र में बीमारियां फैलने का भी डर बना हुआ है।
महीनों से खराब पड़ी है पानी की टंकी
क्षेत्र में पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए बनी पानी की टंकी भी पिछले कई महीनों से खराब पड़ी है। इसकी मरम्मत की दिशा में प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थिति यह है कि लोगों को दूर-दराज के हैंडपंपों या अन्य माध्यमों से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पार्षद की कार्यशैली पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार क्षेत्रीय पार्षद को इस समस्या से अवगत कराया और लिखित शिकायत भी दी, लेकिन पार्षद द्वारा आश्वासन के अलावा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जनता का आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले प्रतिनिधि अब उनकी बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
क्षेत्रीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की टंकी को ठीक नहीं किया गया और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे नगर निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।



