
वाराणसी।।पुलिस कमिश्नरेट के गोमती जोन में सोमवार को एक गरिमामयी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गोमती जोन के निवर्तमान डीसीपी आकाश पटेल के स्थानांतरण पर उनके सम्मान में आयोजित किया गया था। इस दौरान पुलिस विभाग के छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को बेहद भावुक बना दिया।
एडीसीपी नृपेंद्र कुमार ने पेश की आत्मीयता की मिसाल
समारोह के केंद्र बिंदु गोमती जोन के एडीसीपी नृपेंद्र कुमार रहे। उन्होंने कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए डीसीपी आकाश पटेल के साथ बिताए गए कार्यकाल को याद किया। नृपेंद्र कुमार ने न केवल एक कुशल अधीनस्थ की भूमिका निभाई, बल्कि डीसीपी के साथ उनके तालमेल और अपराध नियंत्रण की रणनीतियों की जमकर सराहना हुई।
एडीसीपी नृपेंद्र कुमार की कार्यशैली और डीसीपी के प्रति उनके सम्मान ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। पुलिस गलियारों में चर्चा रही कि नृपेंद्र कुमार ने जिस तरह से गोमती जोन में डीसीपी के कंधों से कंधा मिलाकर कानून व्यवस्था को संभाला, वह मिसाल के तौर पर देखा जाएगा। विदाई के दौरान एडीसीपी ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
थाना प्रभारियों ने याद किए ‘मैदानी जंग’ के किस्से
कार्यक्रम में सिंधोरा थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी समेत जोन के सभी थाना प्रभारियों ने शिरकत की।
ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि डीसीपी आकाश पटेल के कुशल निर्देशन में टीम ने कई पेचीदा मामलों का खुलासा किया।
अन्य थाना प्रभारियों ने उन्हें एक सख्त प्रशासक के साथ-साथ एक मार्गदर्शक बड़े भाई के रूप में याद किया।
एक ‘तेज-तर्रार’ विदाई
डीसीपी आकाश पटेल अपनी कार्यशैली के लिए ‘तेज-तर्रार’ अधिकारी माने जाते रहे हैं। गोमती जोन में उनके कार्यकाल के दौरान न केवल अपराध दर में कमी आई, बल्कि जनसुनवाई को भी प्राथमिकता मिली। “विदाई की घड़ी हमेशा कठिन होती है, लेकिन गोमती जोन की टीम ने जो सहयोग दिया, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। विशेषकर एडीसीपी नृपेंद्र कुमार और सभी थाना प्रभारियों का समर्पण सराहनीय रहा।”
— आकाश पटेल, निवर्तमान डीसीपी
समारोह के अंत में फूलों की बारिश और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच डीसीपी को विदा किया गया। इस दौरान माहौल पूरी तरह से भावुक नजर आया।


