
लखनऊ। परिवहन निगम के सभी वर्गों के कर्मचारियों का आह्वान करते हुए संघ के प्रदेश महामंत्री जसवंत सिंह नें कहा कि क्या जब आप अपने लिए सजग नहीं है तो किसी ने हमारा कुछ किया, शिकायत क्यों?
क्या आप चंदा और मांगों के पूरा ना होने का दोष देते हो। कितने लोगों ने सहयोग किया। क्या आपने कभी हिसाब लगाया कि 55000 कर्मचारियों के हित की लड़ाई में जब हजार दो हजार लोग आते हैं, तब इसका मतलब होता है कि मात्र 5%या10% लोग आए।
उन्होंने कहा कि तब निगम मुख्यालय यह मान लेता कि यह मांग सभी कर्मचारियों की नहीं है तब संगठनों को बुरा क्यों कहना।
जब आप केवल भीख मांगने की तरह हर दरवाजे पर जाते हो तो भीख मांगना ही दिखता है। तब हक और अधिकार की बात कहा रह गई।
जब आपको अपने निर्णय पर भरोसा ही नहीं है ,आप सभी संगठनों में विभाजित है तो हक कभी नहीं मिलेगा। मिलेगी भीख और भीख निश्चित नहीं होती।
इसलिए विचार करो, एक जुट रहो और ईमानदार नेतृत्व को चुनो संघर्ष करो तभी कुछ हो सकता है, लेकिन यह बात बेसिक है अधिकारी का दलाल ही तुम्हारा नेता है तो उत्पीड़न ,शोषण और रिश्वत ज्यादा पड़ेगी।
उन्होंने कहा क्योंकि तुम्हारा नेता ही पैसा कमाने, अपनी नौकरी बचाने में लगा है उससे क्या उम्मीद करते हो।
संघठन एक चुनो, एक जुट रहो संगठन अलग अलग होने पर भी अपने हकों के लिए भेद भाव से अलग रहो।



