
प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार आजाद की सक्रियता से अपराधी पस्त,
संवाददाता इरफान कुरैशी,
लखनऊ। राजधानी का हृदय स्थल कहा जाने वाला अमीनाबाद क्षेत्र अब अपराधियों के लिए काल साबित हो रहा है। जब से प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार आजाद ने थाने की कमान संभाली है, इलाके में न केवल अपराध का ग्राफ गिरा है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और सुरक्षा की भावना पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है।
सुनील कुमार आजाद की सबसे बड़ी खूबी उनकी क्षेत्र में सक्रियता है। वह केवल ऑफिस में बैठकर फाइलें नहीं निपटाते, बल्कि खुद धरातल पर उतरकर गश्त की कमान संभालते हैं। उनकी पैनी नजर और सक्रियता का ही परिणाम है कि क्षेत्र के पुराने हिस्ट्रीशीटर और शातिर अपराधी अब या तो जेल की सलाखों के पीछे हैं या फिर अपराध से तौबा कर चुके हैं।
अमीनाबाद जैसे व्यस्त और संवेदनशील व्यापारिक क्षेत्र को संभालना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन सुनील कुमार आजाद ने अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता से थाने के कामकाज को बेहद पारदर्शी और सुलभ बना दिया है।
उनके नेतृत्व में, फरियादियों की शिकायतों पर बिना देरी के तत्काल कार्रवाई की जाती है। 24/7 मुस्तैदी रात के सन्नाटे में भी पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है, जिससे चोरी और छिनैती जैसी घटनाओं पर लगाम लगी है। थाना प्रभारी ने अपनी टीम में ऐसा जोश भरा है कि हालिया चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा महज 24 घंटे के भीतर संभव हो सका।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि सुनील कुमार आजाद के कार्यकाल में ‘अपराध’ शब्द अमीनाबाद की डिक्शनरी से मिटता नजर आ रहा है। उनकी सख्त छवि अपराधियों में खौफ पैदा करती है, तो वहीं उनका मिलनसार स्वभाव आम नागरिकों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है।
क्षेत्र के लोगों का मानना है, साहब सुनील कुमार आजाद की नजरों से बच पाना नामुमकिन है। उनकी सक्रियता ही है कि आज हम खुद को और अपने व्यापार को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करते हैं।
प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार आजाद ने अपनी निष्ठा और कर्तव्यपरायणता से यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व मजबूत हो, तो कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना कठिन नहीं है। आज अमीनाबाद पुलिस की यह सफलता उनकी इसी कार्यशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण है।




