
संवाददाता इरफान कुरैशी,
लखनऊ। राजधानी की सआदतगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जबरन धर्म परिवर्तन कराने और पहचान छिपाकर शादी करने के आरोपी को सूचना मिलने के मात्र 2 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी असली पहचान छिपाकर पीड़िता के साथ निकाह करने और बाद में प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप है।
पीड़िता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015 में आरोपी ने अपना नाम ‘रितेश कुमार मौर्या’ बताकर लखनऊ के पुरनिया स्थित आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से उससे शादी की थी। शादी के बाद दोनों साथ रहने लगे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 2018 में उनकी बड़ी बेटी का जन्म हुआ। उस वक्त आरोपी ने अपनी असली पहचान मोहम्मद आसिफ के रूप में उजागर की। पीड़िता का आरोप है कि तब से ही आरोपी उस पर लगातार धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहा था। वह उसे जबरन नकाब पहनने को कहता था और बात न मानने पर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता था।
सआदतगंज पुलिस ने 8 फरवरी 2026 को पीड़िता की शिकायत मिलते ही मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5 के तहत केस दर्ज किया।
9 फरवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद आसिफ (उम्र 32 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से हरदोई जिले का निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के बुद्धेश्वर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था।




