
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के जरिए सरकार को राजस्व का चूना लगाने वाले सिंडिकेट के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर खनन विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग हिस्सों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 10 ओवरलोड और बिना रॉयल्टी वाले ट्रकों को पकड़ा है। इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 5 लाख रुपये का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूला है।
खनन निरीक्षक की अगुवाई में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
खनन निरीक्षक प्रांजल सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात तहसील सदर, हसनगंज, बीघापुर और पुरवा क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने न केवल हाईवे बल्कि उन लिंक मार्गों (संपर्क मार्गों) पर भी जाल बिछाया, जिनका इस्तेमाल खनन माफिया पुलिस और विभाग की नजरों से बचने के लिए करते हैं।
जांच के दौरान जब ट्रकों को रोका गया, तो कई चालक न तो रॉयल्टी की रसीद दिखा पाए और न ही उनके पास वैध परिवहन परमिट था। कई डंपर अपनी निर्धारित क्षमता से दोगुना भार लेकर सड़कों पर दौड़ रहे थे, जो न केवल अवैध है बल्कि सड़क हादसों को सीधा निमंत्रण भी है।
राजस्व की चपत और सड़कों की बर्बादी
खनन निरीक्षक प्रांजल सिंह ने मौके पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि अवैध खनन से दोहरा नुकसान होता है। पहला, बिना रॉयल्टी के माल ले जाने से सीधे तौर पर शासन के राजस्व की चोरी होती है। दूसरा, ओवरलोड वाहन करोड़ों की लागत से बनी सड़कों को समय से पहले ही जर्जर कर देते हैं।
पकड़े गए सभी 10 ट्रकों के खिलाफ खनन अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वसूले गए 5 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए जाएंगे।



