
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।।लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार को सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए दोपहर का वक्त किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रहा। हाईवे की ‘कानपुर लेन’ पर करीब 8 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया, जिसने यातायात व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी। गहरा बाईपास से लेकर जाजमऊ पुल तक वाहनों की ऐसी कतार लगी कि पहिए पूरी तरह थम गए। इस महाजाम में आम जनता से लेकर वीआईपी और एम्बुलेंस तक घंटों फंसी रहीं।
गहरा बाईपास से जाजमऊ तक हाहाकार
गुरुवार दोपहर अचानक शुरू हुआ यह जाम देखते ही देखते बेकाबू हो गया। देखते ही देखते हाईवे का एक बड़ा हिस्सा वाहनों के धुएं और हॉर्न के शोर से भर गया। जाजमऊ पुल से शुरू हुआ दबाव पीछे गहरा बाईपास तक पहुंच गया। जाम इतना जबरदस्त था कि दोपहिया वाहनों को भी निकलने की जगह नहीं मिल रही थी।
सबसे बुरा हाल उन मुसाफिरों का था जो जरूरी काम से कानपुर या आगे के सफर पर निकले थे। भीषण धूप और उमस के बीच वाहनों में फंसे लोग बेहाल नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई यात्री तो बसों से उतरकर पैदल ही मंजिल की ओर बढ़ते दिखे, क्योंकि गाड़ियाँ टस से मस नहीं हो रही थीं।
एम्बुलेंस और स्कूली बच्चे भी फंसे, एएसपी ने संभाला मोर्चा
जाम की भयावहता की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अखिलेश सिंह स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। उन्होंने गहरा बाईपास और अचलगंज क्षेत्र का दौरा किया और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल मोर्चा संभालने के निर्देश दिए।
जाम में कई एम्बुलेंस फंसी नजर आईं, जिनके सायरन की आवाज ट्रैफिक के शोर में दबकर रह गई। वहीं, छुट्टी के बाद घर लौट रहे स्कूली बच्चों की वैन और बसें भी घंटों फंसी रहीं, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई। एएसपी ने यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि सबसे पहले एम्बुलेंस और स्कूली वाहनों को रास्ता दिया जाए।



