
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।। जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ भविष्य के सपनों और घरेलू तनाव के बीच फंसे एक होनहार युवक ने मौत को गले लगा लिया। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के हरदासपुर गांव में गुरुवार दोपहर उस वक्त मातम पसर गया, जब 20 वर्षीय अश्वनी कुमार का शव उसके ही घर के मुख्य दरवाजे पर लटका मिला। शिक्षा और संघर्ष के बीच जूझ रहे एक युवा का इस तरह चले जाना पूरे इलाके में चर्चा और शोक का विषय बना हुआ है।
दोपहर एक बजे घर के मुख्य गेट पर पसरा सन्नाटा
जानकारी के मुताबिक, नीरज का पुत्र अश्वनी कुमार (20) पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहा था। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे, जब घर के अन्य सदस्य अपने कामों में व्यस्त थे, अश्वनी ने अपने दो मंजिला मकान के मेन गेट पर रस्सी का फंदा बनाया और उस पर झूल गया।
कुछ ही देर बाद जब परिजनों की नजर गेट पर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में चीख-पुकार के बीच परिजनों ने उसे नीचे उतारा। सांसे चलती देख परिजन उसे तत्काल इलाज के लिए बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। हालांकि, होनी को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सक डॉ. अशोक वर्मा ने प्राथमिक जांच के बाद अश्वनी को मृत घोषित कर दिया।
परीक्षा न दे पाने का मलाल और घरेलू कलह की मार
मृतक के पिता नीरज ने रुंधे गले से बताया कि अश्वनी पढ़ाई में होनहार था। उसने बीएससी की पढ़ाई की थी, लेकिन किन्हीं कारणों से वह अपनी अंतिम परीक्षा नहीं दे पाया था। परीक्षा छूटने के बाद से ही वह गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में चला गया था। उसे अपना भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा था।
पिता के अनुसार, केवल करियर की चिंता ही नहीं, बल्कि घर में आए दिन होने वाली कलह ने भी उसे भीतर से तोड़ दिया था। मां का साया बचपन में ही सिर से उठ जाने के कारण अश्वनी दो भाइयों में बड़े होने के नाते परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर भी अक्सर तनाव में रहता था। पढ़ाई का दबाव और घर की अशांति ने मिलकर एक उभरते हुए युवा को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।



