
संवाददाता इरफान कुरैशी,
लखनऊ। राजधानी लखनऊ की आर्थिक अपराध शाखा EOW और कैसरबाग पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक प्रतिष्ठित कंपनी के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी कर करोड़ों रुपयों का गबन करने वाले मुख्य लेखाकार प्रवीण गर्ग को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त प्रवीण गर्ग पुत्र स्व. विजय अग्रवाल निवासी इंदिरा नगर, लखनऊ एक कंपनी में मुख्य लेखाकार के पद पर तैनात था। कंपनी की महिला निदेशकों ने काम की सहूलियत के लिए प्रवीण पर अटूट विश्वास जताते हुए उसे बैंक खातों के पासवर्ड और कोड साझा किए थे। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए प्रवीण ने अपनी पत्नी अंजना गर्ग और बेटी नव्या गर्ग के साथ मिलकर कंपनी के धन को हड़पने की साजिश रची।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 27 मार्च 2025 को प्रवीण अचानक ऑफिस आना बंद कर दिया। कंपनी द्वारा कराए गए ऑडिट CA जांच में बैंक खातों में भारी गड़बड़ी पाई गई। जांच में सामने आया कि प्रवीण ने कूटरचित जाली दस्तावेजों, चेकों और RTGS के माध्यम से कंपनी का पैसा अपने और अपने परिवार के सदस्यों के निजी खातों में ट्रांसफर कर लिया था। भेद खुलने के डर से वह अपने परिवार के साथ वाराणसी भाग गया और वहां छिपकर रह रहा था।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा गठित टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर वाराणसी के थाना लंका क्षेत्र स्थित ओजस होटल में छापेमारी की। बुधवार, 14 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे पुलिस ने घेराबंदी कर प्रवीण गर्ग को गिरफ्तार कर लिया।
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक नीतीश कुमार श्रीवास्तव, उप-निरीक्षक प्रशांत कुमार मिश्रा, मुख्य आरक्षी मनोज कुमार शुक्ला और आरक्षी आशुतोष सिंह की अहम भूमिका रही। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और गबन की गई राशि की बरामदगी के प्रयास कर रही है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर लिया जा रहा है।




