
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नवाबगंज टोल प्लाजा पर गुरुवार से टोल वसूली की जिम्मेदारी बदल दी गई है। अब यहां अगले तीन महीने तक टोल टैक्स वसूली का काम आशमी रोड कैरियर नाम की कंपनी संभालेगी। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे तक पुरानी एजेंसी श्रीसाईं इंटरप्राइजेज ने औपचारिक रूप से टोल प्लाजा का चार्ज नई कंपनी को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार श्रीसाईं इंटरप्राइजेज को चार अक्तूबर को नवाबगंज टोल प्लाजा पर प्रतिदिन 42.92 लाख रुपये की दर से टोल वसूली का ठेका मिला था। शुरुआत में कंपनी ने काम शुरू किया, लेकिन बीते कुछ समय से टोल वसूली में लगातार गिरावट आ रही थी। यातायात में कमी और अनुमानित राजस्व न मिलने के कारण कंपनी रोजाना घाटे में जा रही थी। तय लक्ष्य पूरा न हो पाने से कंपनी की मुश्किलें बढ़ गईं और आखिरकार उसने एनएचएआई को अनुबंध सरेंडर करने का फैसला किया। अनुबंध सरेंडर होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आशमी रोड कैरियर को टोल वसूली का ठेका सौंपा। नई कंपनी को यह ठेका 45.96 लाख रुपये प्रतिदिन की दर से दिया गया है। यह व्यवस्था 25 दिसंबर से लागू मानी जा रही है और आगामी तीन महीनों तक यही कंपनी नवाबगंज टोल प्लाजा पर वसूली करेगी। हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आशमी रोड कैरियर के कर्मचारियों ने सभी टोल बूथों पर अपनी तैनाती शुरू कर दी। पुराने स्टाफ को हटा दिया गया और नई कंपनी के सिस्टम के अनुसार टोल वसूली शुरू कर दी गई। टोल प्लाजा पर लगे उपकरणों, रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज भी नई एजेंसी को सौंपे गए। इस संबंध में टोल मैनेजर इरफान शेख ने बताया कि एनएचएआई के निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक और नियमानुसार पूरी की गई है। उन्होंने कहा कि अब अगले तीन महीनों तक आशमी रोड कैरियर ही लखनऊ-कानपुर हाईवे से गुजरने वाले वाहनों से टोल टैक्स वसूलेगी। यात्रियों को टोल दरों और नियमों में किसी तरह के बदलाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल टोल प्लाजा पर यातायात सामान्य बना हुआ है और वसूली का काम सुचारू रूप से चल रहा है। नई कंपनी की ओर से व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।



