
उन्नाव ।।उत्तर प्रदेश के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले शुक्लागंज और गंगाघाट क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। सोमवार शाम सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP)/क्षेत्राधिकारी नगर दीपक यादव के नेतृत्व में पुलिस बल ने गंगाघाट क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों और मुख्य बाजारों में पैदल गश्त (Foot Patrolling) की। इस दौरान पुलिस ने न केवल सुरक्षा का भरोसा दिलाया, बल्कि संदिग्धों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान भी चलाया।
रेलवे स्टेशन से मुख्य बाजार तक रही मुस्तैदी
ASP दीपक यादव के नेतृत्व में गंगाघाट प्रभारी निरीक्षक और भारी पुलिस बल ने सबसे पहले रेलवे स्टेशन गंगाघाट का निरीक्षण किया। यहाँ प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और उनके सामान की तलाशी ली गई। स्टेशन के बाहर खड़े ऑटोरिक्शा और वाहनों की भी चेकिंग की गई।
इसके बाद पुलिस का काफिला शुक्लागंज के मुख्य बाजार पहुँचा। व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र होने के कारण यहाँ भीड़भाड़ अधिक रहती है, जिसे देखते हुए पुलिस ने पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने व्यापारियों से बातचीत की और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन देते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।
संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग
पैदल गश्त के दौरान ASP ने सड़कों पर बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों, काली फिल्म लगे शीशों और संदिग्ध रूप से घूम रहे युवकों की चेकिंग के निर्देश दिए। कई दोपहिया वाहनों को रोककर उनके कागजात चेक किए गए और हेलमेट न पहनने वालों को कड़ी चेतावनी दी गई। पुलिस की इस अचानक हुई सक्रियता से सड़कों पर हुड़दंग करने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया।
अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
ASP दीपक यादव ने प्रभारी निरीक्षक गंगाघाट को क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और पिकेट ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शाम के समय बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी अनिवार्य रूप से दिखनी चाहिए ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और अपराधियों के मन में डर बना रहे।
जनता के बीच सुरक्षा का संदेश
इस पैदल गश्त का मुख्य उद्देश्य ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ को बढ़ावा देना और जनता के बीच पुलिस की दृश्यता (Visibility) बढ़ाना था। शुक्लागंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में, जहाँ कानपुर और उन्नाव का बॉर्डर मिलता है, वहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


