
दिल्ली।।
लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को पूरे साहस, ईमानदारी और निर्भीकता के साथ संसद तक पहुँचाने वाले आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को बुधवार को लोकमत पार्लियामेंटरी अवार्ड 2025 में “बेस्ट पार्लियामेंटेरियन ऑफ द ईयर” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में आयोजित भव्य लोकमत पार्लियामेंटरी अवार्ड समारोह में पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति बी. आर. गवई ने संजय सिंह को प्रदान किया।
इस अवसर पर लोकमत समूह के मालिक विजय दर्डा, केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले सहित देश की राजनीति, न्यायपालिका और समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्तित्व भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। यह सम्मान संसद में उनके सक्रिय, संघर्षशील और जनहित को सर्वोपरि रखने वाले संसदीय कार्यकाल की सार्वजनिक स्वीकृति है।
संजय सिंह राज्यसभा में एक ऐसे सांसद के रूप में पहचाने जाते हैं जो सत्ता से सवाल पूछने में कभी पीछे नहीं हटे। चाहे भ्रष्टाचार का मुद्दा हो, सामाजिक न्याय का प्रश्न हो, आम नागरिक के अधिकारों की बात हो या सरकार की नीतियों से पीड़ित मज़लूम, गरीब और वंचित वर्ग की आवाज़ — संजय सिंह ने हर विषय पर सदन में तथ्यों, संवैधानिक मूल्यों और जनहित के आधार पर मजबूती से अपनी बात रखी। उनकी स्पष्ट, तथ्यपरक और धारदार प्रस्तुतियों ने कई बार संसदीय विमर्श की दिशा तय की और सरकार को जवाबदेह बनाने का काम किया।
संसद के भीतर बेबाक और निडर वक्ता के रूप में उनकी पहचान सर्वविदित है। संजय सिंह ने बार-बार यह साबित किया है कि लोकतंत्र केवल सत्ता की सहमति से नहीं, बल्कि सवालों और जवाबदेही से मज़बूत होता है। उन्होंने संसदीय गरिमा के साथ, लेकिन बिना किसी दबाव के, जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाया और उन्हें राष्ट्रीय बहस का विषय बनाया। उनकी आवाज़ उन लोगों की आवाज़ बनी, जिनकी बात अक्सर सत्ता के गलियारों में अनसुनी रह जाती है।
संजय सिंह का संघर्ष केवल संसद तक सीमित नहीं रहा। सड़क से लेकर सदन तक, उन्होंने मज़लूमों, गरीबों, मजदूरों, किसानों और शोषित वर्गों के हक़ में लगातार आवाज़ बुलंद की। जन आंदोलनों, धरनों और लोकतांत्रिक संघर्षों से निकली उनकी राजनीति ने संसद में भी वही तेवर और प्रतिबद्धता दिखाई। ईमानदार राजनीति, पारदर्शिता और जवाबदेही को उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन का मूल मंत्र बनाया।
लोकमत पार्लियामेंटरी अवार्ड 2025 के माध्यम से उन्हें मिला “बेस्ट पार्लियामेंटेरियन ऑफ द ईयर” सम्मान न केवल संजय सिंह के व्यक्तिगत संसदीय योगदान का सम्मान है, बल्कि उस राजनीति की जीत है जो डर के बजाय साहस से, चुप्पी के बजाय सवाल से और समझौते के बजाय संघर्ष से लोकतंत्र को आगे बढ़ाती है। यह अवॉर्ड देश के उन करोड़ों नागरिकों की भावनाओं का भी प्रतीक है, जो संसद में एक निडर, ईमानदार और जनपक्षधर आवाज़ की अपेक्षा रखते हैं।



