
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।।
डॉ. सत्यप्रकाश बोले – सही जानकारी ही बचाव का सबसे मजबूत हथियार
उन्नाव। जिले में सोमवार को विश्व एड्स दिवस कुछ अलग अंदाज में गुजरा। जिला अस्पताल परिसर सुबह से ही तैयारियों और आवाजाही से भरा दिखा। पोस्टर, बैनर, पर्चे और नारों की गूंज के बीच जागरूकता रैली निकली जिसका उद्देश्य था लोगों तक एचआईवी से बचाव और रोकथाम के बारे में साफ और सही जानकारी पहुंचाना। रैली को सीडीओ कीर्तिराज और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उनके साथ अस्पताल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, डॉक्टर, पैरामेडिकल कर्मचारी, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एनसीसी के कैडेट और सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कैडेट आगे-आगे चल रहे थे और नारे लगा रहे थे। पीछे विभागीय टीमें और महिलाएं पर्चे बांटकर लोगों से संवाद कर रही थीं। रास्ते में कई लोग रुके, पढ़ा, सुना और खुद सवाल भी पूछे।
सुबह की रैली और शहर में संदेश
रैली जिला अस्पताल से निकली और गांधी नगर चौराहा व छोटा चौराहा होकर दोबारा अस्पताल लौटी। इस दौरान जगह-जगह जागरूकता संदेश सुनाई दिए
“एड्स से लड़ना है, जागरूकता बढ़ाना है”
“जांच कराएं, सुरक्षित रहें”
“गलतफहमी नहीं, जानकारी जरूरी”
युवाओं की भागीदारी ने माहौल को जीवंत कर दिया।
टीमों ने लोगों को बताया कि एड्स का संक्रमण सामान्य संपर्क, साथ बैठने, खाना साझा करने या हाथ मिलाने से नहीं फैलता। असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, दूषित रक्त और मां से बच्चे तक पहुंचना ही मुख्य कारण हैं। सही जानकारी और समय पर जांच ही सुरक्षा का सबसे विश्वसनीय तरीका है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने दूर की भ्रांतियां
इस अवसर पर डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि विश्व एड्स दिवस हर वर्ष 1 दिसंबर को समाज में एचआईवी और एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग इस संक्रमण के लक्षण, बचाव और इलाज को लेकर अनजान हैं। इसी कारण रोग का पता देर से चलता है और इलाज में देर होती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एचआईवी सामान्य संपर्क, हाथ मिलाने, साथ बैठने या भोजन साझा करने से नहीं फैलता। यह संक्रमण केवल असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई, दूषित रक्त के संपर्क और गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान मां से बच्चे में पहुंचता है



