
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव। अकरमपुर स्थित आर्यावर्त बैंक में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शाखा प्रबंधक मनीष भदौरिया ने गंभीर धाराओं—धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र—में 10 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह मामला वर्ष 2015 में लिए गए ऋण और बंधक भूमि को फर्जी दस्तावेजों से बेचने से जुड़ा है।
दुपरापुर निवासी अजयदीप श्रीवास्तव ने दीप प्लास्टिक इंडस्ट्री के प्रोपराइटर के रूप में लघु उद्योग विकास योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया था। उन्होंने सिंगरोसी स्थित अपनी भूमि को बंधक रखते हुए शपथ पत्र दिया था कि ऋण अवधि तक वह न भूमि बेचेंगे और न कहीं और गिरवी रखेंगे।
दस्तावेज सत्यापन के बाद बैंक ने 25 मार्च 2015 को 9 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया।
गारंटर थे—अनिल कुमार सोनी और अकील अहमद।
ऋण लिया, भुगतान नहीं किया फिर फर्जी दस्तावेजों से बेच दी जमीन
आरोप है कि ऋण लेने के बाद अजयदीप ने भुगतान नहीं किया और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बंधक भूमि को अपने परिचितों—
नीरज कुमार कुशवाहा
अब्दुल रसूल
इसराइल
शमशुल ह मिस्वाक हुसैन
वसीम अहमद
दिनेश कुमार
विमला पत्नी नन्दकिशोर
—के नाम बेच दिया।
स्थानीय लेखपाल और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से निर्धारित रकबे से अधिक भूमि का नामांतरण भी करा लिया गया।
वसूली को पहुंचे बैंककर्मियों से अभद्रता और धमकी
जब बैंककर्मी ऋण वसूली के लिए फैक्ट्री पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
आरोप है कि अजयदीप और उसके साथियों ने बैंककर्मियों से अभद्रता की और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।
शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई
शिकायत चौकी इंचार्ज मगरवारा, कोतवाली उन्नाव और एसपी को दी गई थी।
जांच के बाद सभी आरोपितों के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।



