
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के (सिनर्जी) कार्यक्रम में सोमवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यहां उन्होंने महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप, शिक्षा और दिल्ली बम ब्लास्ट पर अपनी महत्वपूर्ण राय रखते हुए समाज और शिक्षा जगत को झकझोर देने वाली बातें कहीं।
दिल्ली ब्लास्ट पर राज्यपाल का बड़ा बयान
मंच से बोलते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा “दिल्ली में हुआ बम हादसा हमें गंभीरता से सोचने पर मजबूर करता है।
देश के युवा किस राह पर खड़े हैं? उन्हें कैसी शिक्षा और संस्कार मिल रहे हैं?
समाज, परिवार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर जिम्मेदारी लें, तभी हम एक जवाबदेह और राष्ट्र के प्रति समर्पित पीढ़ी तैयार कर पाएंगे।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिकता, सहानुभूति और दायित्वबोध पर आधारित होनी चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत: पौधरोपण और गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन।
राज्यपाल ने सबसे पहले सिंदूर के पौधे का पौधरोपण किया।
इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी के AI-supported गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन किया, जहां रेटीना और फेस रिकॉग्निशन के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
महिला सशक्तिकरण पर राजयपाल का उत्साहवर्धन
राज्यपाल ने मंच से कहा—
खेल और स्टार्टअप में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं
यूपी की बेटियों का उच्च शिक्षा में देश में सबसे बड़ा इनरोलमेंट
7,000 से अधिक स्टार्टअप महिलाएं चला रही हैं
बीते 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश तेज गति से विकास की ओर बढ़ा है
वंदे मातरम के 150 वर्ष पर अपील
राज्यपाल ने कहा— “वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, हमारी पहचान है।
150 वर्ष पूरे होने पर इसे पूरे गर्व के साथ मनाएं।”
मंच से सम्मान और सराहना
यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने राज्यपाल का सम्मान किया।
कार्यक्रम में छात्राओं, फैकल्टी और विविध संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्पष्ट संदेश दिया—
“हिंसा की जड़ें शिक्षा और संस्कारों से कटेंगी, सिर्फ पाठ्यक्रम से नहीं।”



