
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव के हसनगंज कोतवाली क्षेत्र में सोमवार दोपहर ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। लालपुर गांव के बाहर नहर किनारे झाड़ियों से अचानक नवजात बच्ची के रोने की आवाज गूंजी, और आवाज़ सुनते ही गांव की महिला संतोषी मौके पर दौड़ी चली आईं।
जब संतोषी ने झाड़ियों में झांककर देखा तो कपड़े में लिपटी एक मासूम नवजात बच्ची बेबस पड़ी थी। बिना देर किए उन्होंने बच्ची को उठाया और सीने से लगा कर उसे संभाला। इसके बाद झटपट 102 एंबुलेंस को कॉल कर बच्ची को सीएचसी भेजा गया।
सीएचसी पहुंचे अधीक्षक डॉ. नितिन श्रीवास्तव ने नवजात को वार्मर में रखकर ऑक्सीजन ट्रीटमेंट दिया और बेहतर देखभाल के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि समय पर इलाज मिल जाने से बच्ची की हालत फिलहाल सामान्य है।
इधर सूचना मिलते ही महिला कॉन्स्टेबल लक्ष्मी भदौरिया और एसआई रामपाल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी।
कोतवाल शरद कुमार ने बताया कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और पुलिस यह जानने में जुटी है कि आखिर कौन दरिंदे उसे झाड़ियों में छोड़कर फरार हो गए।
गांव में इस घटना को लेकर दहशत और गुस्से का माहौल है, लेकिन साथ ही संतोषी की मानवता की मिसाल ने सभी का दिल जीत लिया।



