
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले ने शिकायतों के निस्तारण में पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना ली है। शासन की एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) जनसुनवाई पोर्टल की अक्टूबर 2025 की रैंकिंग में उन्नाव पुलिस ने पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय है और पुलिस प्रशासन के सतत सुधार और जनता से संवाद की नीति का परिणाम भी।
पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के नेतृत्व में उन्नाव पुलिस ने शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया। जिले के 20 थाने ऐसे हैं जिन्हें प्रदेश स्तर पर प्रथम श्रेणी (First Category) में स्थान मिला है। यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर शिकायतों के समाधान को लेकर पुलिस की सक्रियता कितनी बढ़ी है।
एसपी जय प्रकाश सिंह बोले — “हर शिकायतकर्ता को न्याय दिलाना ही लक्ष्य”
एसपी जय प्रकाश सिंह ने कहा कि इस उपलब्धि का श्रेय जिले की पूरी पुलिस टीम को जाता है।
“हमारा लक्ष्य केवल रैंकिंग में नंबर-1 आना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर शिकायतकर्ता को न्याय मिले। शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के लिए हर थाना प्रभारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अब किसी भी शिकायत को लंबित रखने की कोई गुंजाइश नहीं है।”
उन्होंने यह भी बताया कि जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की दैनिक समीक्षा की जाती है, और प्रत्येक थाना प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेही तय की गई है।
शिकायत निस्तारण प्रणाली में बड़ा बदलाव
जनसुनवाई पोर्टल के जरिये नागरिक सीधे अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। पहले जहां शिकायतों पर कार्रवाई में देरी होती थी, वहीं अब ज्यादातर मामलों में 24 घंटे के भीतर जांच शुरू कर दी जाती है।
इसके अलावा, शिकायतकर्ता को पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा भी दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।
इन थानों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
जनसुनवाई रैंकिंग में जिन थानों का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा, उनमें शामिल हैं:
गंगाघाट, बीघापुर, सफीपुर, बारासगवर, हसनगंज, अचलगंज, अजगैन, सोहरामऊ, बिहार और फतेहपुर चौरासी।
इन थानों में शिकायतों का निस्तारण न केवल समयबद्ध रूप से हुआ बल्कि शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि दर भी सबसे अधिक रही।
जनता का भरोसा
जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने वाले नागरिकों ने कहा कि अब “पहले जैसी लापरवाही नहीं दिखती।”
अधिकांश शिकायतों पर तुरंत पुलिस की प्रतिक्रिया मिलती है और कई मामलों में समाधान 1-2 दिनों में हो जाता है।
नागरिकों ने यह भी बताया कि अब उन्हें अधिकारियों से मिलने के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे प्रणाली पर भरोसा बढ़ा है।
टीमवर्क और टेक्नोलॉजी का असर
उन्नाव पुलिस ने तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है
हर थाने में जनसुनवाई मॉनिटरिंग डैशबोर्ड स्थापित किया गया है।
शिकायतों की टाइमलाइन ट्रैकिंग और ऑटो रिमाइंडर सिस्टम लागू किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारी नियमित समीक्षा बैठक कर रियल टाइम में स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
इन सुधारों के चलते उन्नाव पुलिस अब पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल जिला बन गया है।



