
ब्यूरो ऋषभ तिवारी
उन्नाव।।कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुवार को उन्नाव के गंगाघाटों पर आस्था और श्रद्धा का सागर उमड़ पड़ा। जिले के विभिन्न घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। भोर होते ही गंगा तटों पर “हर-हर गंगे” और “जय मां गंगे” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुबह चार बजे से ही गंगाघाट, मिश्रा कॉलोनी घाट, गंगा विशुन घाट और आनंद घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। भक्तों ने गंगा स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया, मां गंगा की पूजा-अर्चना की और दीप प्रवाहित कर मोक्ष की कामना की। गंगा स्नान का क्रम देर शाम तक चलता रहा। इस अवसर पर उन्नाव के अलावा कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, अचलगंज, बीघापुर, मौरांवा, पुरवा, असोहा और नवाबगंज से भी श्रद्धालु पहुंचे थे। दूर-दराज से आए लोगों ने सूर्योदय के साथ गंगा स्नान कर धार्मिक अनुष्ठानों और कथा-पूजन में भाग लिया।गंगा तटों पर इस दौरान भव्य मेले का आयोजन भी हुआ। स्नान और पूजा के बाद श्रद्धालु झूलों, सर्कस और नाटकों का आनंद लेते नजर आए। बच्चों के लिए खिलौनों और मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ रही, जबकि पूजा सामग्री और दीपदान की दुकानों पर श्रद्धालु खरीदारी करते देखे गए।श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। घाटों तक जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी, चौपहिया वाहनों को प्रवेश से रोका गया, और दोपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई थी। इस कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। सुबह तड़के डीएम गौरांग राठी और एसपी जय प्रकाश सिंह ने घाटों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।क्षेत्राधिकारी दीपक यादव सहित अन्य पुलिस अधिकारी पूरे दिन घाटों पर मौजूद रहे और भीड़ की निगरानी करते रहे। कार्तिक पूर्णिमा के साथ ही गंगाघाट क्षेत्र के घरों और मंदिरों में तुलसी विदाई की परंपरा भी निभाई गई। महिलाओं ने तुलसी को जल चढ़ाया, दीपक जलाए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक गीतों और भक्ति रस से ओतप्रोत माहौल में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।



