
ब्यूरो ऋषभ तिवारी
उन्नाव।।बीघापुर नगर पंचायत के सामने स्थित उन्नाव ब्रांच शारदा नहर प्रणाली का पुल पिछले 10 महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है, जिससे कस्बे और आसपास के कई गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह पुल बीघापुर कस्बे से रुझिहई, टिकुरीमऊ, दुंदपुर और लालकुंवा सहित कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। पुल टूटने के बाद से स्थानीय लोग प्रशासन और सिंचाई विभाग की अनदेखी से नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल टूटने के बावजूद प्रशासन या सिंचाई विभाग ने अब तक इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बीघापुर रणवीर सिंह ने भी कई बार अधिशाषी अभियंता को पत्र भेजे हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पुल टूटने के बाद ग्रामीणों ने अपनी पहल पर लकड़ी और लोहे की पटिया लगाकर अस्थायी रास्ता तैयार किया, जिससे साइकिल और बाइक सवार लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अस्थायी रास्ता बेहद खतरनाक है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
करीब तीस वर्ष पहले शारदा नहर के निर्माण के साथ इस पुल का निर्माण हुआ था, जो ग्रामीणों के लिए कस्बे तक पहुंचने का सीधा मार्ग था। ग्रामीण इसी रास्ते से स्कूली बच्चों, कृषि यंत्रों, ट्रैक्टर-ट्रॉली और पशुधन के साथ आसानी से आ-जा सकते थे। दुंदपुर निवासी मुनीश, रुझिहई के ऊदल फौजी और पूर्व प्रधान उमेश ने बताया कि लगभग दस माह पहले एक भारी ट्रैक्टर-ट्रॉली के फंसने से पुल टूट गया था। एसडीएम रणवीर सिंह ने मौके का निरीक्षण कर विभाग को रिपोर्ट भी भेजी, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है।
एसडीएम बीघापुर रणवीर सिंह ने बताया कि, पुल के शीघ्र निर्माण के लिए सिंचाई विभाग को लगातार पत्र भेजे जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही कार्य शुरू होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराया जाए, ताकि आमजन को आवागमन की सुविधा मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।


