
संवाददाता सचिन पाण्डेय
उन्नाव।।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद उन्नाव की नवीन मंडी समिति से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब तक अधूरी है। किसानों की सुविधा के लिए स्थापित की गई यह मंडी आज भी ठेकेदारों और स्थानीय प्रभावशाली लोगों के कब्जे में है, जबकि जिला प्रशासन की कार्रवाई केवल चेतावनी तक सीमित रह गई है। इब्राहीम बाग स्थित नवीन मंडी परिसर में वर्षों से अवैध कब्जे बने हुए हैं। मंडी परिसर के भीतर किसानों के लिए निर्धारित स्थानों पर गोदाम, ढाबे और अस्थायी दुकानें संचालित हो रही हैं। इन अवैध निर्माणों के कारण वास्तविक किसानों और छोटे व्यापारियों को अपनी उपज रखने और बेचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बीते जून माह में सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज और मंडी समिति सचिव सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने स्थल निरीक्षण कर अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे के भीतर कब्जा हटाने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, उल्टे अतिक्रमणकारियों ने अपने ढाँचों को और पक्का कर लिया है।अतिक्रमण के चलते दूरदराज से फसल लेकर आने वाले किसानों को मंडी में प्रवेश नहीं मिल पाता। उन्हें मजबूरन सड़क किनारे ही गेहूं, धान, सब्जी और दलहन जैसी उपज बेचनी पड़ती है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि बारिश और धूप में फसल खराब होने का भी खतरा बना रहता है। स्थानीय किसानों और व्यापारियों का आरोप है कि यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता और कथित मिलीभगत का परिणाम है। उनका कहना है कि मंडी के कुछ अधिकारी मासिक वसूली के नाम पर अवैध कब्जाधारियों को संरक्षण देते हैं, जिसके कारण शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फिलहाल अवैध कब्जाधारियों की सूची तैयार की जा रही है और सीजन के बाद कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि किसानों ने सवाल उठाया है कि “त्योहारों के बाद” की कार्रवाई आखिर कब होगी?उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री के आदेशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और नवीन मंडी को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।



