
जिला संवाददाता देवेंद्र तिवारी
उन्नाव।।बैसवारा की अमूल्य साहित्यिक धरोहर, हडहा में जन्मे द्विवेदी युग के प्रमुख स्तंभ पं. गया प्रसाद शुक्ल ‘सनेही’ जी की 142वीं जयंती उनके जन्मस्थान स्थित स्मारक पर आज गुरुवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक, हिंदूवादी भाजपा नेता विमल द्विवेदी ने स्मारक स्थल पहुंचकर सनेही जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सनेही जी की रचनाओं को स्मरण करते हुए कहा—
*जो भरा नहीं है भावों से जिसमें बहती रसधार नहीं, वह ह्रदय नहीं पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।
विमल द्विवेदी ने कहा कि प्रेम पच्चीसी, त्रिशूल तरंग, कुसुमांजलि, गप्पाष्टक और कृषकनंदन जैसी कालजयी कृतियों को भारतभूमि को समर्पित करने वाले इस महान मनीषी के चरणों में वे कोटि-कोटि वंदन करते हैं।कार्यक्रम का संयोजन शैलेन्द्र मोहन शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर रंजीत अवस्थी, समीर शुक्ला, संदीप पाण्डेय, रामेश चंद्र लोधी, हिन्दू जागरण मंच के जिला संयोजक अजय त्रिवेदी, धर्मेंद्र शुक्ला सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।बैसवारा की साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा देने वाले सनेही जी की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित कर लोगों ने उन्हें याद किया।