
देवेंद्र बने विश्व हिंदी परिषद के जिलाध्यक्ष
- हिंदी भाषा के संवर्धन के लिए
केंद्रीय नेतृत्व ने सौंपा पदभार
सुल्तानपुर। भारतीय भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार प्रसार के लिए समर्पित वैश्विक संस्था विश्व हिंदी परिषद की ओर से देवेंद्र पाठक को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। सरस्वती विद्या मंदिर में आचार्य के पद पर कार्यरत देवन्द्र बाल्यकाल से ही साहित्यिक, सामाजिक गतिविधियों में अभिरुचि रखते हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार पाठक को विश्व हिंदी परिषद -सुलतानपुर का जिलाध्यक्ष मनोनीत करने का पत्र
राष्ट्रीय विचारक, वरिष्ठ स्तंभकार एवं लेखक तथा सदस्य, हिंदी सलाहकार समिति वित्त मंत्रालय भारत सरकार और विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ विपिन कुमार ने जारी किया है। उन्होंने यह अपेक्षा की है कि जिलाध्यक्ष रहते हुए वे परिषद की गौरवशाली परंपराओं एवं मूल्यों का भलीभांति निर्वहन कर संगठन के उद्देश्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके मनोनयन पर विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सदस्य सलाहकार समिति शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार देवी प्रसाद मिश्र, पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष सन्त राम शुक्ल, विदुषी सारिका सिंह (आजीवन सदस्य), नीतू सिंह,शशी द्विवेदी,रूपम सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार चित्रेश , श्याम नारायण श्रीवास्तव, अवधी गद्य साहित्य के प्रथम लेखक वयोवृद्ध साहित्यकार कवि आद्या प्रसाद सिंह ‘प्रदीप’ , मथुरा प्रसाद सिंह ‘जटायु ‘, वरिष्ठ पत्रकार विनय कुमार सिंह (आजीवन सदस्य),, सम्पादक कलीम खान (आजीवन सदस्य), जिलाध्यक्ष जौनपुर डाक्टर प्रमोद कुमार मिश्र, जिलाध्यक्ष अयोध्या हनुमान सिंह , डाक्टर अभिषेक पाण्डेय,नीरज त्रिपाठी, संस्कृत भारती के प्रशिक्षक अशोक कुमार मिश्र, प्रधानाचार्य अजित कुमार द्विवेदी तथा आजीवन सदस्य, स्वायत्तशासी संस्था कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान के पूर्व प्राचार्य एवं वर्तमान में प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ राधेश्याम सिंह (आजीवन सदस्य) सहित जनपद के कई हिंदी सेवी साहित्यकारों एवं पत्रकारों ने अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित की हैं।


