
इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश भर में थाना सिविल लाइन पुलिस की किरकिरी करा दी है इटावा में निष्पक्ष एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव की तैनाती है वहीं थाना सिविल लाइन पुलिस की करतूत ने इटावा पुलिस को शर्मशार किया है। पुलिस ने बिना जांच व साक्ष्य के 68 साल के वरिष्ठ पत्रकार व महिला पत्रकार समेत 5 पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह घटना उस समय घटी जब इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के दो दर्जन से अधिक पदाधिकारी जिलाधिकारी इटावा को विपक्षी आशीष बाजपेई व अन्य के खिलाफ शिकायत करके लौट रहे थे।
प्राप्त समाचार के अनुसार कल इटावा में इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर करें जिलाधिकारी इटावा व एसएसपी इटावा को फर्जी पत्रकार इटावा लाइव तथाकथित संपादक आशीष बाजपेई व एक ब्लैकमेलर महिला गैंग के खिलाफ जांच की मांग को लेकर ज्ञापन दिए जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसकी भनक आशीष वाजपेई को लग गई तो उसने एक दिन पहले व्हाट्सएप पर मैसेज करके सैफई के पूर्व पत्रकार सुघर सिंह को धमकाया उसके अगले दिन ज्ञापन देने के बाद लौट रहे महिला पत्रकारों को रंडी वेश्या बोलकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी। इस पर महिला पत्रकार व उसके पति ने रंडी बोलने वाला तथाकथित पत्रकार को थप्पड़ जड़ दिए।
👉 महिला पत्रकारों को गन्दी गाली व जान से मारने की धमकी दी गयी : सुघर सिंह जाटव
इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुघर सिंह जाटव ने बताया इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दो दर्जन पत्रकारों को साथ लेकर जिला संरक्षक मेघ सिंह वर्मा के नेतृत्व में इटावा एसएसपी व जिलाधिकारी इटावा को एक ब्लैक मेलर महिला व इटावा लाइव के तथाकथित पत्रकार आशीष बाजपेई की शिकायत करने के लिए पहुंचे थे। सभी पत्रकारों ने एसएसपी इटावा को ज्ञापन दे दिया और जब पत्रकार जिलाधिकारी इटावा को ज्ञापन देकर बाहर निकले और पेड़ की छांव में खड़े होकर कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे इसी बीच आशीष बाजपेई जो कि अपने आप को इटावा लाइव का संपादक बताता है जब कि यह विकास भवन में पिछड़ा वर्ग विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर है जो ड्यूटी करने नहीं जाता है और कचहरी में ही घूमता रहता है महिला पत्रकारों को देखकर इसने कहा कि अब रंडियां भी पत्रकार बन गई मेरी शिकायत करने के लिए वेश्याएं आई हैं इसी बात पर महिला पत्रकारों ने इसकी थप्पड़ों से धुनाई शुरू कर दी। इस दौरान मौजूद पुलिस भी कुछ नहीं बोली क्यों कि पुलिस के सामने सरेआम एक महिला को रंडी वेश्या कहकर बेइज्जत किया जा रहा था। विरोध करने पर आशीष बाजपेयी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दो पत्रकार व महिला आशीष बाजपेई को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रही है। उक्त वीडियो में मेघ सिंह वर्मा कहीं भी किसी तरह से मारपीट करते हुए नहीं दिख रहे हैं उसके बाद भी पुलिस ने मेघ सिंह वर्मा जिनकी उम्र 68 साल है उनको भी अभियुक्त बना दिया। पीड़ित महिला पत्रकार को अभियुक्त बना दिया।
👉 बिना जांच कर मुकदमा दर्ज कर डीजीपी का आदेश की उड़ाई गयी धज्जियाँ
उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी का स्पष्ट आदेश है कि पत्रकारों के विरुद्ध बिना जांच किए कोई मुकदमा पंजीकृत न किया जाए और न ही उनके परिजनों को अकारण झूठे मुकदमे में नामित किया जाए। लेकिन थाना सिविल लाइन पुलिस ने डीजीपी के आदेश को नजरअंदाज करके मुकदमा दर्ज कर लिया इसमे पुलिस ने यह भी नही देखा कि पत्रकार की उम्र कितनी है। और बिना जांच 68 साल के बृद्ध पत्रकार को भी अभियुक्त बना दिया। जानकारी मिली है कि थाना सिविल लाइन के प्रभारी निरीक्षक के० के० मिश्र ब्राह्मण समाज से है। पीड़ित महिला का आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक थाना सिविल लाइन ने जातिवाद निभाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया। यही नही जब महिला पत्रकार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गयी तो थाने में तैनात कांस्टेबल पुष्कर शुक्ला ने महिला से अभद्रता की व गन्दी गन्दी गालियां दी। इस मामले में बृद्ध पत्रकार व महिला पत्रकार ने कहा है कि इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग व राज्य महिला आयोग का दरबाजा खटखटाएंगे।

