
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में भारतीय आदर्श योग संस्थान, लखनऊ एवं जश्न-ए-आजादी ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार प्रातः मोती महल वाटिका में विशेष योग प्रशिक्षण एवं प्रोटोकॉल अभ्यास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी मुरलीधर आहूजा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित योग साधकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान जश्न-ए-आजादी ट्रस्ट की ओर से योगाचार्य कृष्ण दत्त मिश्रा को योग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि मुरलीधर आहूजा ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग तन, मन और आत्मा के संतुलन का सबसे प्रभावी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त रखते हुए सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
योग शिविर में योगाचार्य कृष्ण दत्त मिश्रा ने उपस्थित प्रतिभागियों को योग प्रोटोकॉल का अभ्यास कराते हुए बताया कि प्राणायाम हमारे आंतरिक ऊर्जा तंत्र को सशक्त बनाता है तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विभिन्न योगासनों एवं ध्यान की विधियों की जानकारी देते हुए बताया कि नियमित अभ्यास से अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से बचाव संभव है।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी योग को दैनिक जीवन में अपनाने पर बल दिया।
इस मौके पर वेद व्रत बाजपेयी ने कहा कि योग भारतीय ज्ञान परंपरा का वह अनमोल उपहार है जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन योग करने और इसे जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुर्तुजा अली ने कहा कि योग किसी धर्म या वर्ग विशेष का विषय नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का माध्यम है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से समाज में स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास होता है।
अब्दुल वहीद ने अपने संबोधन में कहा कि योग स्वस्थ जीवन की सबसे सरल और प्रभावी पद्धति है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को दे तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बन सकती है।
जुबैर अहमद ने कहा कि योग आज विश्वभर में भारत की पहचान बन चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि योग दिवस को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम में प्रार्थना एवं ओम् उच्चारण के साथ विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान सत्र आयोजित किए गए। अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे केवल योग दिवस पर ही नहीं, बल्कि वर्ष के सभी 365 दिनों तक नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
इस अवसर पर वेद व्रत बाजपेयी, पूर्व मुख्यमंत्री एन डी तिवारी के पूर्व ओएसडी रामपाल शर्मा,जुबैर अहमद, मुर्तुजा अली,अब्दुल वहीद,डॉ. आदर्श त्रिपाठी, संजय सिंह,हिमांशु पांडे ,अभय अग्रवाल,डॉ साधना बाजपेई,सोनी शुक्ला,अंजली शर्मा,संजीव वर्मा,अचल पाण्डेय,मोहम्मद कैफ,फहद,सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। वहीं भारतीय आदर्श योग संस्थान की ओर से योगाचार्य कृष्ण दत्त मिश्रा, राजकुमार मधु पांडेय,ए. आनंद पांडेय, दिवाकर द्विवेदी, संतोष यादव, रीता पांडेय, शेखर, सत्य स्वरूप शर्मा, बबीता शर्मा, ऋषभ मिश्रा,राजू यादव, शेषमणि त्रिपाठी एवं अन्य योग साधकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।


